29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राखी पर नहीं रहेगी भद्रा, वर्षों बाद बना संयोग

करीब 15 वर्षों बाद बनी स्थिति
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

किशनगढ़

•

image

Kali Charan kumar

•

Updated: 13 Aug 2019, 9:25 PM IST

Bhadra will not remain on Rakhi, coincidence after years

राखी पर नहीं रहेगी भद्रा, वर्षों बाद बना संयोग

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मदनगंज-किशनगढ़. भाई बहन के अटूट रिश्ते के पर्व राखी पर इस बार भद्रा का साया नहीं रहेगा। वर्षो बाद राखी पर यह संयोग बना है। वहीं 19 वर्ष बाद फिर से 15 अगस्त और राखी एक साथ होने का संयोग बना है।
ज्योतिषियों के अनुसार करीब 15 से ज्यादा वर्षों ेसे राखी पर भद्रा का संयोग बनता आ रहा है। भद्रा के चलते बहनों को भद्रा का समय टालकर राखी बांधनी पड़ती है। लेकिन इस वर्ष राखी पर भद्रा नहीं है। ज्योति दाधीच के अनुसार लबे समय से राखी के अवसर पर भद्रा रही है। भद्रा रहने के कारण बहने अपने भाईयों को राखियां नहीं बांधती है। लेकिन इस बार करीब पिछले करीब 15 से 20 वर्षों ऐसा संयोग बना है कि राखी पर भद्रा नहीं है।
दो तरह की होती है भद्रा
ज्योतिषियों के अनुसार आकाश व पाताल दो तरह की भद्रा होती है। भद्रा के समय राखी नहीं बांधी जाती है। होलिका दहन भी नही किया जाता है। इसके समय को टाल कर ही यह कार्य करना श्रेष्ठ रहता है।
भाई को खिलाएं गुड़
पं. घनश्याम आचार्य के अनुसार रक्षा बंधन पर रक्षासूत्र बांधने के बाद गुड़ से मुहं मीठा करना चाहिए। क्योंकि गुड़ को मांगलिक माना गया है। शुभ कार्यों में भी देवी-देवताओं के गुड़ चढ़ाया जाता है। इसलिए इसका प्रयोग श्रेष्ठ है। उन्होंने बताया कि पहले अपने इष्ट देवता के राखी बांधना श्रेष्ठ रहता है।
राखी बांधने का मुहूर्त
रक्षा बंधन पर सुबह 7 से 9 बजे तक शुभ, दोपहर 12 से 3 बजे तक लाभ-अमृत और अपराह्न 4.30 से सांय 6 बजे तक शुभ काल रहेगा। इस दौरान राखी बांधना श्रेष्ठ रहेगा।
वर्ष 2000 में भी 15 अगस्त पर थी राखी
इससे पहले 15 अगस्त 2000 के दिन भी रक्षाबंधन और स्वाधीनता दिवस एक साथ था। 19 साल बाद फिर से 2019 में भी रक्षाबंधन 15 अगस्त को है।