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Republic Day …किशनगढ़ का गौरव बढ़ाएंगी लाडो

प्राचीन चरी नृत्य की गणतंत्र दिवस परेड में देगी प्रस्तुति

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Republic Day ...किशनगढ़ का गौरव बढ़ाएंगी लाडो

Republic Day ...किशनगढ़ का गौरव बढ़ाएंगी लाडो

मदनगंज-किशनगढ़.
सिटी रोड स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राएं गणतंत्र दिवस परेड (Republic Day Parade) में प्राचीन चरी नृत्य (Chari Dance) की प्रस्तुति देकर किशनगढ़ का गौरव बढ़ाएगी। इसकी तैयारियों के लिए छात्राएं जयपुर पहुंच गई है और परसों दिल्ली पहुंचकर अयास शुरू करेगी।
राजस्थान ललित कला अकादमी (Rajasthan Lalit Kala Academy)की ओर से गणतंत्र दिवस परेड में चरी नृत्य (Folk Dance of Rajasthan)के लिए चयनित छात्राएं शुक्रवार को जयपुर पहुंच गई। इस नृत्य की प्रस्तुति देने वाली छात्राओं में अऊशिखा कंवर, निकिता कंवर, कोमल सैनी, कृष्णा मालाकार, सुमन चौधरी, मुस्कान, डोली, मोनिका, निशा और पूनम जोशी शामिल है। यह छात्राएं शनिवार को जयपुर के जवाहर कला केंद्र में चरी नृत्य की प्रस्तुति देगी। इसके बाद दिल्ली पहुंचकर अयास करेगी।
प्रशिक्षक वीरेंद्र सिंह गौड़ ने बताया कि वह ४५ वर्ष से लोकनृत्यों का प्रशिक्षण दे रहे है। यह किशनगढ़ का प्राचीन लोक नृत्य है। इस लोकनृत्य में पारंपरिक वाद्य ढोल, कांसे की थाली, बांकिया का उपयोग किया जाता है। प्रशिक्षक वीरेंद्र सिंह गौड़ ने बताया कि चरी नृत्य किशनगढ़ की विशेषता है। मांगलिक अवसरों पर किए जाने वाले इन नृत्यों की खासियत यह है कि मूल रूप से घरों में विवाह होने के दौरान घर के आंगन मेें किया जाता है।
यह महिलाओं की ओर से सामूहिक रूप से किया जाता है। चरी नृत्य में राजस्थान की पारपरिक वेशभूषा एवं पोशाक पहनकर और गहनों से सुसज्जित होकर महिलायें सिर पर पीतल की चरी लेकर नाचती हैं। इस नृत्य में चरी को बिना स्पर्श किए अपने सिर पर संतुलित रख कर अपने हाथ, कमर व पैरो का सुंदर संचालन कर वृत्ताकार नृत्य किया जाता है।
इन छात्राओं के नृत्य की प्रस्तुति से किशनगढ़ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत चरी घूमर नृत्य को नए सिरे से राष्ट्रीय पटल पर अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलेगा। इससे लोक नृत्य रूपी विरासत संरक्षित रखने में मददगार साबित होगी।