मदनगंज-किशनगढ़.
इन दिनों वन विभाग की नर्सरी के साथ ही शहरी क्षेत्र के मुख्य मार्गों पर भी कई जगह निजी नर्सरियां खुली हुई हैं। इन नर्सरियाें पर भी पौधों की बिक्री की जा रही है। पौधों के साथ गमलों की भी बिक्री में तेजी है। बारिश के सीजन में पौधों की बिक्री से विक्रेताओं के चेहरे भी खिले नजर आ रहे है। पौधे विक्रेता अभी कुछ दिनों में अच्छी बारिश होने के साथ ही पौधों की बिक्री में भी तेजी की उम्मीद लगाए बैठे है। हालांकि बारिश के इस सीजन में लोग ज्यादातर छायादार और फलदार पौधों लगा रहे है और इन दिनों इन्हीं पौधों की डिमांड है।
बिक रहे 200 से 250 पौधे
गगवाना निवासी सीतादेवी प्रजापत ने बताया कि वह और उनका पति बीते 30 सालों से बारिश के सीजन में पौधों की बिक्री से परिवार का भरण पोषण करते हैं। उन्होंने हमेशा की तरह इस बार अजमेर रोड पर सड़क किनारे पौधों की नर्सरी खोली और पौधे लगाए और खरीदें भी। अब बारिश के इस सीजन में पौधों की बिक्री शुरू हो गई है। बारिश के दौरान पौधों की बिक्री अच्छी होने लगी और प्रति दिन 200 से 250 पौधे बिकने लगे। लेकिन बीते दो तीन दिनों से बारिश नहीं हो रही है, इस वजह से पौधों की बिक्री थोड़ी कम हुई है और वर्तमान में 100 से 150 पौधे ही बिक्री किए जा रहे है। आने वाले दिनों में बारिश का दौर रहेगा और इस अवधि के दौरान लोग पौधे लगाएंगे ताकि बारिश के दौरान पौधे जल्दी पनपते है।
50 से 500 रुपए के पौधे उपलब्धसड़क किनारे खुली निजी नर्सरियों में 50 रुपए से 500 रुपए तक की कीमत के पौधे उपलब्ध हैं। 50 रुपए का पौधा एक फीट से शुरू होता है और 500 रुपए का पौधा 6 फीट तक का है। 50 रुपए के कीमत के पौधों में गुलाब, राजरानी, रातरानी, गुड़हल इत्यादि पौधे है। जबकि 500 रुपए की कीमत में क्रिसमस ट्री, मोरपंख, करोटन, पोस्टल पॉम, बोटल पॉम और अशोक यह सभी सजावटी प्रजाति के पौधे है।
पकड़ते हैं जल्दी जड़
पौधों की विक्रेता सीतादेवी प्रजापत ने बताया कि अभी फलदार और छायादार पौधों की डिमांड अधिक है। यह पौधे बारिश के सीजन में जल्दी जड़ पकड़ते और ग्रोथ करते है। फलदार में मौसमी, संतरा, आम, चीकू एवं छायादार पौधों में अशोक, नीम, खरंज, अड़क बादाम, एलेस्ट्रोनिया इत्यादि प्रजाति के पौधों की डिमांड अधिक है और यह सभी पौधे पुष्कर के पौधे हैं। यही वजह है कि यह बारिश में जल्दी पनपते ंहै।