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राजस्थान में यहां बनेगी प्रदेश की पहली इंडोर फायरिंग रेंज, ‘रक्षकों’ को मिलेगा फायदा

राजस्थान में यहां बनेगी प्रदेश की पहली इंडोर फायरिंग रेंज, 'रक्षकों' को मिलेगा फायदा

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किशनगढ़।

नवआरक्षी और पुलिस अधिकारियों को खुली फायरिंग रेंज में अभ्यास के दौरान होने वाली परेशानियों से अब राहत मिलेगी। जल्द ही नवआरक्षी व अधिकारी अब इंडोर फायरिंग रेंज में बिना परेशानी के फायरिंग का अभ्यास कर सकेंगे। इसके लिए पीटीएस प्रशासन ने इंडोर फायरिंग रेंज का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा है।

किशनगढ़ में पुलिस ट्रेनिंग स्कूल 1950 से संचालित हो रही है। यहां पर नव आरक्षी और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके तहत पुलिस की कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण, भारतीय दण्ड संहिता की जानकारी, खेलकूद के साथ हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया जाता है।

फायरिंग का अभ्यास करने के लिए अजमेर-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग नसीराबाद पुलिया से पास स्थान निर्धारित है। वहां पर जाकर फायरिंग का अभ्यास करते हैं। अभ्यास के दौरान मौसम के कारण परेशानी होती है। उक्त परेशानी को दूर करने के लिए इंडोर फायरिंग रेंज बनाने की तैयारी की जा रही है। यहां छोटे और आधुनिक हथियारों से फायरिंग का अभ्यास कर सकेंगे। इससे अभ्यास करने में आसानी और सुविधा मिलेगी।

200 बीघा में फैला है कैंपस

पुलिस ट्रेनिंग स्कूल के दो कैंपस है। एक राजकीय चिकित्सालय जाने वाली रोड पर है। यहां पर नवआरक्षी को पढ़ाने और ऑफिस आदि का काम-काज किया जाता है। दूसरा कैंपस सिलोरा में है। यह 200 बीघा में फैला हुआ है। इसी परिसर में इंडोर शूटिंग रेंज बनाया जाना प्रस्तावित है।

आउटडोर फायरिंग रेंज में होती है परेशानी

आउटडोर फायरिंग रेंज में अभ्यास में मौसम पर भी निर्भर रहना पड़ता है। वहां पर रात्रि के समय अभ्यास नहीं किया जा सकता है। इसके लिए कैंपस से दूर भी जाना पड़ता है। ऐसे में इंडोर फायरिंग रेंज तैयार होने पर प्रशिक्षणार्थी लाभान्वित होंगे।

यह होगा फायदा

- छोटे हथियारों से अभ्यास में आसानी होगी।
- अभ्यास का समय अधिक मिलेगा।
- मौसम आदि की भी चिंता नहीं रहेगी
- शूटिंग टूर्नामेंट आदि हो सकेंगे

इन्हें दिया जा रहा प्रशिक्षण

पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में नवआरक्षी और पीसीसी का प्रशिक्षण दिया जाता है। वर्तमान में नवआरक्षी पुलिस कांस्टेबल, कांस्टेबल से पदोन्नत होकर बनें हैडकांस्टेबल और उप कारापाल से पदोन्नत होकर बनें कारापाल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी प्रकार यहां पर पुलिस, परिवहन विभाग, होमगार्ड, वन विभाग के नव आरक्षी और अधिकारियों को भी प्रशिक्षण दिया जाता है।

इनका कहना है...

किशनगढ़ के पुलिस ट्रेनिंग स्कूल के सिलोरा केन्द्र पर इंडोर फायरिंग रेंज बनाने का प्रस्ताव बनाकर पुलिस मुख्यालय को भेजा गया है। इंडोर फायरिंग रेंज की सुविधा नहीं है।

- अनिल कुमार टांक, प्रधानाचार्य आईपीएस पुलिस ट्रेनिंग स्कूल किशनगढ़