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राखियों पर छाई महंगाई, महंगी की बिक्री हुई कम

10 से 50 रुपए की राखियां पसंद आ रही है महिलाओं को

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Inflation hit the rakhi, sale of expensive reduced

राखियों पर छाई महंगाई, महंगी की बिक्री हुई कम

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मदनगंज-किशनगढ़. भाई-बहन को एक दूसरे से जोडऩे वाली राखी के बाजार पर मंदी की मार पड़ रही है। बाजार में इस बार महंगी राखियों का चलन कम हो गया है। रक्षाबंधन के अवसर पर बांधी जाने वाली राखी पर महिलाओं ने खर्च कम कर दिया है। बाजार में इन दिनों दस रुपए से लेकर 50 रुपए की राखियां तो बिक रही है। लेकिन सौ रुपए और इससे ज्यादा की राखियों के बाजार में उठाव नहीं आया है।
विभिन्न प्रदर्शनियों में ग्राहकों की ओर से खरीददारी करने कारण ऐसा हुआ है। कई लोग घरों में भी राखियां बेच रहे है। इससे स्थानीय व्यापार प्रभावित हुआ है। स्थानीय बाजार में पैसे की आवक नहीं हो रही है। स्थानीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। दुकानदार नितेश शर्मा ने बताया कि हमेशा सीजन में महिलाएं सौ रुपए और इससे ज्यादा मूल्य की राखियों की खूब खरीददारी करती है। लेकिन इस बार इनकी खरीददारी काफी कम है। इससे व्यापार पर असर पड़ा है। इस बार महिलाएं अधिकतर 20 से 50 रुपए की राखियां खरीद रही है। 5-5 रुपए की छोटी राखियों की भी डिमांड है। उन्होंने बताया कि कई क्षेत्रों में मंदी के कारण ऐसा हो रहा है।
खूब पसंद आ रही है मुंबई वैलवेट
बाजार में मुंबई वैलवेट, कुंदन, मोती, फैन्सी, चूड़ा, जोड़ा राखियां सहित कई तरह की राखियां उपलब्ध है। इनमें मुंबई वैलवेट खूब चल रही है। वहीं कड़ा राखी और जोड़ा राखी को भी खूब पसंद किया जा रहा है।
बच्चों को छोटा भीम पसंद
वहीं छोटा भीम, शिवा, डोरेमोन, निंजा हथौड़ी, मोटू-पतलू सहित कई कार्टून कैरेक्टरर्स की राखियां बच्चों को खूब लूभा रही है। जैसे जैसे राखियों का सीजन नजदीक आने लगा है, उसी प्रकार बाजार में राखियों की दुकानें भी तेेजी से सजने लगी है। दूर दराज रहने वाले भाईयों को भेजने वाली राखियों की बहनों से खरीदारी शुरू कर दी है। वहीं इन दिनों ऑनलाइन राखियों की खरीद का भी चलन तेजी से बढ़ रहा है। बहने ऑलाइन राखियां खरीद कर अपने भाईयों को भिजवा रही है ताकि वह रक्षा बंधन के दिन वह राखी अपनी कलाई पर बांध सके।