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Kishangarh : किशनगढ़ की नर्सरी में मिलेंगे औषधीय और धार्मिक पौधे

वन विभाग की नर्सरी में मिलेंगे धार्मिक पूज्यनीय और औषधीय पौधेतैयारियों में जुटा वन विभाग, प्रायोगिक तौर पर कल्प वृक्ष व पार्क पीपल एवं अर्जुन व सेजन के पौधे हो रहे तैयारएक जुलाई से होगा पौधों का वितरण

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Kishangarh : नींबू के भावों में भी आया ताव,Kishangarh : किशनगढ़ की नर्सरी में मिलेंगे औषधीय और धार्मिक पौधे

कालीचरण
मदनगंज-किशनगढ़.
इस बार बारिश के सीजन में वन विभाग केवल फलदार या छायादार पौधे ही नहीं, बल्कि पूज्यनीय धार्मिक और आयुर्वेदिक औषधीय पौधे भी बेचेगा। पहली बार वन विभाग की नर्सरी में यह पौधे तैयार किए जा रहे है। प्रायोगिक तौर पर फिलहाल यह 50-50 पौधे ही तैयार किए जा रहे है। पूरी तरह से तैयार होने के बाद वन विभाग फलदार एवं छायादार के साथ ही यह पूज्यनीय धार्मिक व आयुर्वेदिक औषधीय पौधे एक जुलाई से बेचेगा। इन दिनों बढ़ती गर्मी और तेज तापमान के चलते वनकर्मी विशेष तौर पर इन पौधों की देखभाल करने में लगे हुए है।
वन विभाग की जयपुर रोड स्थित नर्सरी में पूज्यनीय धार्मिक पौधों में कल्पवृक्ष व पार्क पिपल के पौधे भी तैयार किए जा रहे है। इन पौधों के साथ ही सरकारी की अन्य योजनाओं के तहत वितरण या बिक्री किए जाने वाले पौधे भी तैयार किए जा रहे है।
प्रायोगिक तैयार पर 50-50 पौधे तैयार
वन विभाग ने प्रथम चरण में पूज्यनीय धार्मिक पौधों में कल्प वृक्ष एवं पार्क पीपल के पौधे तैयार किए जा रहे है। जबकि आयुर्वेदिक औषधीय पौधों में अर्जुन व सेजन के पौधे है। प्रायोगिक तौर पर इन चारों प्रजाति के फिलहाल 50-50 पौधे ही तैयार किए जा रहे है। लोगों की डिमांड को ध्यान में रखते हुए आगामी भविष्य में इन पौधों की संख्या में बढ़ोत्तरी की जाएगी।
62 हजार पौधों की तैयारियां
वन विभाग इस सीजन में राज्य निधि में 10 हजार, फार्म वन विद्या योजना में 12 हजार, आरएफबीपी योजना में 30 हजार पौधे तैयार किए जा रहे है। जबकि नाबार्ड के तहत 10 हजार अतिरिक्त पौधे तैयार किए जा रहे है। इनमें फलदार और छायादार पौधे शामिल है। छायादार पौधों में अशोक, मीठा नीम, गुलमोर, किशना शामा, करंज, नीम, शिरस, पैमल, कचनार, अमलताश, बड़, पीपल के पौधे तैयार हो रहे है। जबकि फलदार पौधों में अनार, नींबू, जामून, अमरूद्ध, कैरूंदा, आवंला, इमली, पपीता एवं बीलभपत्र इत्यादि पौधे तैयार हो रहे है।
कोई आधा फीट तो कोई पनपा एक फीट
नर्सरी में तैयार किए जा रहे पौधों की वनकर्मी गर्मी के इस सीजन में विशेष ध्यान रखा जा रहा है। अक्ूबर महीने में पौधों का बीजारोपण किया गया था और इन्हें थैलियों में भर कर क्यारियों के माध्यम से पौधे तैयार किए जा रहे है। इन पौधों में कई पौधे एक फीट से अधिक बड़े हो गई है तो कई की आधा फीट लम्बे हो गए है। इन पौधों की बेचने की दरें पांच रुपए से पंद्रह रूपए है, लेकिन यह दरें पुरानी है और संभवत: जुलाई माह से पहले इन पौधों को बेचने की नई दरों आएगी।