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दस किलोमीटर से भी अधिक क्षेत्र में फैला किशनगढ़

तीन चरणों में लिया वर्तमान स्वरूप किशनगढ़ स्थापना दिवस विशेष वर्तमान में औद्योगिक क्षेत्र का फैलाव

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दस किलोमीटर से भी अधिक क्षेत्र में फैला किशनगढ़

दस किलोमीटर से भी अधिक क्षेत्र में फैला किशनगढ़

मदनगंज-किशनगढ़ (अजमेर).

किशनगढ़ के वर्तमान स्वरूप ने तीन बड़े चरणों में अपना आकार लिया है। सबसे पहले किले और पुराने शहर फिर नए शहर और वर्तमान मदनगंज की बसावट हुई है। अब औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार हो रहा है। किशनगढ़ अब तक करीब दस किलोमीटर से भी अधिक क्षेत्र में फैल चुका है और इसका विस्तार निरन्तर जारी है।

किशनगढ़ की स्थापना वर्ष 1611 में होने के बाद से ही पुराने शहर का निर्माण और बसावट हुई। यहां आबादी की बसावट होने और भवनों के निर्माण के बाद नए क्षेत्रों की आवश्यकता हुई। इसके कारण नए शहर का विकास प्रारंभ हुआ। इसके साथ ही सुरक्षा के लिए परकोटे का भी विस्तार किया गया। इससे अजमेरी गेट, गुमानङ्क्षसह गेट और बिहारीपोल का निर्माण किया गया। इसके बाद अंगे्रजों के समय में रेलवे लाइन के पास तत्कालीन शासक मदनसिंह के नाम से वर्तमान मदनगंज की बसावट हुई। अब तो नगर का विस्तार जयपुर रोड पर चिडिय़ाबावड़ी और अजमेर रोड पर परासिया तक हो गया। वहीं खोड़ा गणेश रोड, रामनेर ढाणी की ओर नगरीय आबादी की बसावट होती जा रही है।

अजमेर-जयपुर हाइवे और मेगा हाइवे स्थित मार्बल औद्योगिक क्षेत्र के पांच चरण विकसित हो चुके हैं, अब छठा चरण भी जल्द आकार ले लेगा। सिलोरा में भी औद्योगिक क्षेत्रों का निर्माण हो चुका है। वहीं खोड़ा गणेश रोड पर अलग पावरलूम औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण प्रस्तावित है।