शहीद की अंतिम विदाई में पाक के खिलाफ लगे नारे

शहीद की अंतिम विदाई में पाक के खिलाफ लगे नारे
शहीद की अंतिम विदाई में पाक के खिलाफ लगे नारे

Kali Charan kumar | Updated: 04 Sep 2019, 03:33:01 PM (IST) Kishangarh, Ajmer, Rajasthan, India

वृद्ध पिता ने नम आखों से रखा सिर पर हाथ तो बिलखती मां ने किया दुलार
शहीद के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़
चिकित्सा मंत्री, सांसद और विधायक ने चढ़ाए पुष्पचक्र
दुश्मन से लोहा लेते भदूण का लाल हुआ शहीद

मदनगंज-किशनगढ़.
जन्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से की गोलीबारी में शहीद हुए किशनगढ़ के भदूण गांव के शहीद हेमराज जाट की मंगलवार को अंतिम यात्रा में पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। शहीद का शव रूपनगढ़ थाने से घर पहुंचने और मुखाग्नि दिए जाने के बाद तक हरेक व्यक्ति पाकिस्तान के खिलाफ लगातार नारेबाजी करता रहा। अंतिम दर्शनों के लिए सेना के जवान शहीद हेमराज का शव कंधे पर लेकर घर पहुंचे तो परिवार के सदस्य बिलख पड़े। यह मंजर देख यहां पर मौजूद हरेक शस की आंखेें आंसुओं से भीग गई। अंतिम दर्शन के लिए जब शहीद के चेहरे से कपड़ा हटाया गया तो वृद्ध पिता भोलूराम जाट ने अपने सबसे छोटे पुत्र शहीद हेमराज जाट के सिर पर हाथ रख कर उसे आशीर्वाद दिया तो बुढ़ी मां दाखादेवी ने अपने शहीद बेटे के चेहरे को हाथ से दुलारा। बुढ़े पिता और मां के साथ उसके चारों भाई और एक बहन भी राष्ट्रीय ध्वज में लिपट अपने शहीद भाई से लिपट कर बिलख पड़े। शहीद हेमराज जाट का राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में पूरे राजकीय एवं सैनिक समान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
कश्मीर के राजोरी-पुंछ सेक्टर में दुश्मन सेना की गोलीबारी में शहीद हुए हेमराज जाट का सोमवार रात को ही शव रूपनगढ़ थाने पहुंच गया। यहां से राजकीय समान के साथ सेना के जवान अपने सेना के वाहन में शव लेकर भदूण गांव के लिए सुबह करीब 7.30 बजे रवाना हो गए। शहीद का शव रवाना होने के बाद बड़ी संया में युवाओं की भीड़ भी मोटरसाइकिलों पर सवार होकर साथ हो गए। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा भी यहीं से साथ हो गए। मोटरसाइकिलों पर सवार युवाओं और ग्रामीणों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए और हिन्दुस्तान जिंदाबाद के साथ शहीद हेमराज अमर रहे के जयघोष लगाते रहे। पूरे रास्ते ग्रामीण महिलाएं एवं पुरुषों के साथ बच्चे भी खड़े रहे। पूरे रास्ते किसी ने शहीद के जयघोष लगाए तो कोई ने शहीद को खड़े होकर और सीना तान कर सेल्यूट देता दिखा। सेना के वाहन से शव घर पहुंचा और यहां सेना के जवान सुबह करीब 8.45 बजे कंधे पर शहीद का शव लेकर घर में प्रवेश किया। सेना के कंधों पर हेमराज का शव देख कर पिता भोलूराम जाट एवं मां दाखादेवी समेत परिवार का हरेक शस एवं यहां पर मौजूद सभी रो पड़े। जवानों ने शहीद का शव अंतिम दर्शनों के लिए चौक में रखा और परिवार के सदस्यों, परिचितों और गांव के लोगों ने शहीद के अंतिम दर्शन किए। घर के चौक में अंतिम दर्शन और परिवार के सदस्यों से अंतिम विदाई की प्रक्रिया पूरी कराई गई। यहां से एक बार फिर सैनिकों के जवानों ने शहीद का शव कंधे पर उठा लिया सुबह करीब 9.22 बजे घर से पुन: रवाना हो गए। परिवार की महिलाएं सैनिकों के पीछे दौड़ पड़ी और यहां पर मौजूद लोगों ने बमुश्किल उन्हें रोका और सांत्वना दी। सेना के जवानों ने शहीद के शव को पुन: वाहन में रख लिया और अंतिम संस्कार के लिए रवाना हो गए। शहीद के शव को भदूण गांव के प्रवेश मार्ग के पास ही स्थित राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर लाया गया और यहां पर सशस्त्र जवानों ने हवाई फायर कर शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद सुबह 10.30 बजे चारों भाईयों एवं भतीजों ने शहीद को मुखाग्नि दी।

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