
आत्महत्या के जिम्मेदार 24 घंटे में होंगे गिरफ्तार,आश्वासन के बाद उठाया शव
मदनगंज-किशनगढ़ (अजमेर). अजमेर डिस्कॉम के कर्मचारी की विषाक्त सेवन से मौत के मामले में बुधवार को राजपूत समाज के लोगों ने आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वाईएन हॉस्पिटल में धरना देकर प्रदर्शन किया।
पुलिस की ओर से आरोपितों की २४ घंटे में गिरफ्तारी के आश्वासन दिया। इस पर परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार हो गए। पुलिस ने शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करा परिजन को सौंप दिया।
मदनगंज थाना पुलिस के अनुसार कृष्णापुरी निवासी शम्भूसिंह पंवार (४५) अरांई स्थित सहायक अभियंता कार्यालय में लिपिक के पद पर कार्यरत था। उसकी मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में विषाक्त सेवन से मौत हो गई थी। पुलिस को मृतक की जेब में सुसाइड नोट मिला था। उसमें कई लोगों को गंभीर आरोप लगाए।
इसके बाद पुलिस ने शव को राजकीय यज्ञनारायण चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवा दिया था। बुधवार सुबह पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजकीय यज्ञ नारायण चिकित्सालय पहुंची। इस दौरान वहां परिजन और राजपूत समाज के लोगों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर सुसाइड नोट में नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की। इस बीच युवकों ने नारे लगाकर प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए।
समझाइश के बाद माने लोग
सूचना पर अजमेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) पन्नालाल ने किशनगढ़ के राजकीय चिकित्सालय आकर प्रदर्शनकारियों से समझाइश का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। गुस्साए लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस से तकरार और गर्मागर्मी के बीच दोपहर १ बजे पुलिस की ओर से आरोपितों की २४ घंटे में गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। तब जाकर लोग शांत हुए। राजपूत समाज के प्रदर्शन और माहौल को गर्माता देख किशनगढ़ के यज्ञनारायण चिकित्सालय में किशनगढ़ थाना, मदनगंज थाना, गांधीनगर थाना, बांदरसिंदरी थाना और अरांई थाना पुलिस का जाप्ता तैनात रहा।
गांधीनगर थाना पुलिस ने नहीं की सुनवाई
सुसाइड नोट में शम्भूसिंह ने लिखा कि आरोपितों ने पत्नी के साथ भी मारपीट की। इसकी सूचना गांधी नगरथाने में दी गई, लेकिन कोई र्कारवाई नहीं की गई। ऐसे में चिकित्सालय में मौजूद लोगों ने पुुलिस के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।
यह लिखा सुसाइड नोट में
शम्भूसिंह ने सुसाइड नोट में लिखा है कि बनवारी,प्रीति और महावीर सिंह,संतोष ने उसकी अशिक्षित पत्नी को बीसी कमेटी में शामिल कर लिया। बाद में १० रुपए सैकड़ा से ब्याज लगाकर पत्नी से खाली चेक मेरे अकाउंट के ले लिए। आरोपितों ने मनमर्जी से राशि भरकर चेक पर भी हस्ताक्षर किए। चारों आरोपितों ने न्यायालय में 15 लाख रुपए के मुकदमे दर्ज करा दिए। इसके बाद चारों ने पत्नी पर अनावश्यक दबाव डाला, जिससे उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति खराब हो गई।
अजमेर डिस्कॉम में कार्यरत बाबू राजीव को रिश्वत नहीं देने के चलते मेरे एसीपी प्रकरण जो कि २०१३ से लम्बित है। उसे स्वीकृत नहीं किया जा रहा। अधिकारियों को भ्रमित कर झूठी जांच में उलझाया जा रहा है। सुसाइड नोट में आरोपितों को कड़ी सजा दिलाने की बात लिखी है।
किशनगढ़ में गिरोह सक्रिय
राजकीय यज्ञनारायण चिकित्सालय में लोगों ने पुलिस को बताया कि किशनगढ़ में एक गिरोह लोगों को ब्याज पर पैसा देकर १० से २० रुपए सैकड़ा तक रकम वसूल कर रहे हैं। इसमें गरीब व्यक्तियों को फंसा रखा है। इसके चलते कई परिवार तनाव में हैं। ब्याज के बोझ तले दबकर मानसिक रूप से परेशान हैं। इस दौरान एक पीडि़त ने सीआई खण्डेलवाल को खाली स्टाम, चेक आदि की फोटो कॉपी भी सौंपी है।
Published on:
13 Jun 2019, 7:07 AM IST
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