
Kishangarh : बेमौसम बारिश से आम का बिगड़ा स्वाद, पैदावार कम तो भावों में तेजी
मदनगंज-किशनगढ़.
बेमौसम हुई बारिश सेc का स्वाद बिगाड़ दिा। मौजूदा हालात यह है कि महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, हैदराबाद एवं आंधप्रदेश में मौसम की बदली रंगत से आम की फसलें धराशाही हो गई। यही वजह है कि इन दिनों आम की पैदावार कम हुई है और आम के भावों मेेें तेजी है। आम की विभिन्न पैदावार में पहले की भांति मिठास कम है तो ग्रोथ भी कम है।
मौसम में आए बदलाव से मई की लू के बजाए देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि का दौर चल रह है। इसका सीधा असर जलवायु एवं दिनचर्चा के साथ ही फल सब्जियों की फसलें भी अछुते नहीं रहे।
अमूमन देशभर में महाराष्ट्र, कर्नाटक, हैदराबाद, गुजरात, तेलंगाना एवं आंधप्रदेश की आम की मंडिय़ों से ही देशभर समेत प्रदेश मेंं आम की सप्लाई होती है। जयपुर एवं अजमेर की मंडिय़ों से आम बिक्री के लिए किशनगढ़ मंडी आ रहा है। इस बार बेमौसम हुई बारिश के कारण अन्य फसलों की भांति आम की फसल भी प्रभावित हुई और काफी तादाद में आम की फसलें खराब हुई। यहीं वजह है कि आम की पैदावार कम हुई और मंडिय़ों में बिक्री के लिए आम की पैदावार कम होने से भावोंं में तेजी है।
पिछले साल की तुलना में भावों में तेजी
आम के हॉलसेल विक्रेता मोहम्मद यासिन ने बताया कि इन दिनों शहरी आम 50 से 70 रुपए, लंगड़ा आम 60 से 75 रुपए, केसर आम 65 से 80 रुपए एवं बादाम 40 से 55 रुपए प्रति किलोग्राम भाव है। बादाम आम को छोड़ कर सभी आमोंं के भाव पिछले साल की तुलना में अधिक है।
आम की 20 टन रोज की खपत
इस गर्मी के सीजन में आम की प्रति दिन 20 टन की प्रतिदिन की खपत है। यानि की किशनगढ़ के लोग हर दिन करीब 2000 किलोग्राम आम खाते है। विक्रेता मोहम्मद यासिन ने बताया कि किशनगढ़ में करीब आम के 10 हॉलसेल विके्रता है। इनमें से 5 मंडी के भीतर और 5 मंडी के बाहर काम करते है। किशनगढ़ में प्रतिदिन आम की 10 पीकअप बिक्री के लिए लाई जा जाती है। एक वीकअप में 2 टन आम होते है और इस तरह से 20 टन आम की रोज बिक्री होती है।
Published on:
15 May 2023 03:50 pm
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