22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में ईडी के सामने पेशी के लिए पहुंचे अभिषेक बनर्जी

कोलकाता। अभी कल ही टीएमसी सांसद नुसरत जहाँ ईडी कार्यालय में पेशी के लिए पहुंची थी और अब आज टीएमसी के एक और बड़े नेता अभिषेक बनर्जी भी ईडी कार्यालय में उपस्थित होकर ईडी के सवालों का सामना करेंगे।

2 min read
Google source verification
शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में ईडी के सामने पेशी के लिए पहुंचे अभिषेक बनर्जी

शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में ईडी के सामने पेशी के लिए पहुंचे अभिषेक बनर्जी

को-ऑर्डिनेशन की बैठक से अलग ईडी दफ्तर पहुंचे अभषेक बनर्जी

शिक्षक भर्ती घोटाले में ईडी की ओर से समन मिलने के बाद आज टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ईडी कार्यालय में पेश होंगे। इस बात की जानकारी उन्होंने सोमवार को ही दे दी थी साथ ही उन्होंने यह भी बताया था कि 13 सितम्बर को होने वाली INDIA गठबंधन की को-ऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में भी वो शामिल नहीं होंगे।


आरोपों से बचाव के लिए केंद्र पर निशाना

रविवार को अपने एक ट्वीट में केंद्र सरकार और ईडी पर निशाना साधते हुए उन्होंने लिखा था ***** विपक्षी गठबंधन की को-ऑर्डिनेशन कमेटी की पहली बैठक 13 सितंबर को दिल्ली में निर्धारित है जिसका मैं सदस्य हूं, लेकिन ईडी ने उसी दिन पेश होने का नोटिस भेज दिया है। ऐसा जानबूझकर किया गया है।" इसी के साथ अभिषेक ने नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे 56 इंच के सीने की बैचेनी से हैरान है।

हाईकोर्ट ने भी नहीं दी राहत

आपको बता दें कि अभिषेक बनर्जी ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में राहत मांगते हुए मंगलवार को उच्च न्यायालय से रक्षाकवच की मांग की थी। उनके अधिवक्ता ने कोर्ट में कहा था कि उनके मुवक्किल का भ्रष्टाचार से कोईं सम्बन्ध नहीं है, न ही उनके खिलाफ कोई सबूत मिले है। ऐसे में ईडी उन पर कोई कार्रवाई ना करे।

इस पर ईडी के ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत में कहा था कि यहाँ गिरफ्तारी की तो बात ही नहीं चल रही है ऐसे में रक्षाकवच की मांग कहाँ से आ गयी। इसी आश्वासन का हवाला देते हुए न्यायाधीश तीर्थंकर घोष ने अभिषेक को राहत देने से इंकार कर दिया।


क्या है शिक्षक भर्ती घोटाला मामला ?

दरसअल यह 2014 की बात है जब पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती निकाली। यह प्रक्रिया 2016 में शुरू हुई लेकिन इस भर्ती को लेकर कई शिकायतें कलकत्ता हाई कोर्ट में दर्ज हुई। याचिकाकर्ताओं का जिन परीक्षार्थियों के कम अंक थे उनके टॉप स्थान दिया गया और जिन्होंने भर्ती परीक्षा नहीं भी दी थी और जिनका उस लिस्ट में नाम नहीं था उन्हें भी भर्ती दी गयी। इस समय पार्थ चटर्जी शिक्षा मंत्री थे।


पिछले साल मई में कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए और 2014 से 2021 के बीच जो भी भर्तियां हुई उनकी भी जांच के आदेश दिए। इसमें प्रमुख नाम पार्थ चटर्जी और अर्पिता चटर्जी का सामने आया जिन्हे जुलाई 2022 में गिरफ्तार कर लिया गया। घोटाले में करीब 350 करोड़ के लेनदेन की बात सामने आयी और पार्थ चटर्जी के अलावा 16 अन्य लोगों के भी नाम सामने आये थे। इसके अलावा अभिषेक बनर्जी का भी लिंक इस मामले में बताया जा रहा था।


ऐसा पहली बार नहीं है जब अभिषेक बनर्जी को किसी घोटाले के सम्बन्ध में पूछताछ के लिए बुलाया गया हो, इससे पहले भी कोयला घोटाला और पशु तस्करी मामले में ईडी ने उन्हें कई बार तलब किया है। लेकिन वे ईडी के सामने पेश है हुए।