
अधिक सीटें जीतकर सत्ता में लौटेगी तृणमूल: अभिषेक, राज्य में परिवर्तन के लिए शुभ संकेत: भाजपा
छिटपुट हिंसा के बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा का चुनाव दो चरणों में संपन्न हो जाने के बाद जीत को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा अपने-अपने दावे कर रही हैं। तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि उनकी पार्टी इस बार ज्यादा सीटें जीतकर सत्ता में लौटेगी, वही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं ने पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के उत्साह पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि यह राज्य में परिवर्तन के लिए शुभ संकेत है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य शमिक भट्टाचार्य, केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर, वरिष्ठ नेता दिलीप घोष और अभिनेता से नेता बने मिथुन चक्रवर्ती ने मीडिया से बातचीत में ऐसे ही विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि लोगों ने बिना डर और धमकी के अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल किया।
तृणमूल में दूसरे नंबर के नेता माने जाने वाले अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि तृणमूल 2021 की तुलना में अधिक सीटें जीतकर सत्ता में लौटेगी। डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने मित्रा इंस्टीट्यूशन में मतदान करने के बाद विभिन्न स्थानों पर चुनाव पर्यवेक्षकों द्वारा मनमानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने पत्रकारों से कहा, लेकिन इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ेगा, हम इस चुनाव में पहले से ज्यादा सीटें जीतेंगे।
खड़गपुर सदर से चुनाव लड़ रहे दिलीप घोष ने पत्रकारों से कहा कि केंद्रीय बलों की तैनाती इसलिए जरूरी हुई क्योंकि पश्चिम बंगाल की स्थिति कश्मीर से भी बदतर हो गई थी। उन्होंने कहा, पहले तृणमूल के गुंडे विपक्षी उम्मीदवारों पर हमला करते थे और मतदाताओं को डराते थे, लेकिन अब वे ऐसा नहीं कर सके। अब हर जगह हिंसा-मुक्त और भय-मुक्त माहौल है और इसका श्रेय निर्वाचन आयोग को जाता है। उन्होंने कहा, राज्य के लोग अब ‘परिवर्तन’ और तृणमूल शासन की विदाई चाहते हैं।
दिलीप घोष की की बात दोहराते हुए शमिक भट्टाचार्य ने पत्रकारों से कहा, 50 वर्षों बाद पश्चिम बंगाल के लोगों ने निर्भय हो कर मतदान किया है, तथा मतदान केंद्रों के बाहर सत्तारूढ़ दल के नेताओं द्वारा मतदाताओं को धमकाने और डराने के दृश्य नहीं दिखे। हर कोई वोट डालने के लिए आगे आया। जिसे चाहें वोट दें, स्वतंत्र रूप से अपने अधिकार का इस्तेमाल किया।
केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के केंद्रीय बलों और चुनाव आयोग की कथित ज्यादती के झूठे दावे अब नहीं चलेंगे और पहले चरण तथा मौजूदा दूसरे चरण में राज्यभर में हुए भारी मतदान से यह बात स्पष्ट है। उन्होंने कहा, फलता में तृणमूल उम्मीदवार मतदाताओं को धमका रहे थे। चुनाव आयोग के विशेष पुलिस पर्यवेक्षक वहां मतदाताओं में विश्वास पैदा करने गए थे और मतदान निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण ढंग से हो रहा है। ममता दीदी का खेल खत्म हो गया है
Updated on:
30 Apr 2026 04:07 pm
Published on:
30 Apr 2026 03:47 pm
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