
न जलेगी धूनी न निकलेगी भभूत तो कोलकाता में कैसे रमेंगे नागा साधू
कोलकाता .
गंगासागर तीर्थयात्रा के अहम पड़ाव कोलकाता के आउट्राम घाट के पास मैदान में ट्रांजिट शिविर की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। राज्य सरकार दूर दराज से आने वाले तीर्थयात्रियों उनकी सेवा करने वाली संस्थाओं के लिए अस्थाई बुनियादी ढांचा खड़ा करने में युद्ध स्तर पर जुट गई है। बाबूघाट के आसपास साधुओं का जमावड़ा भी लगने लगा है। इन सबके बीच कोलकाता नगर निगम का आदेश साधु समाज को चिंतित कर रहा है। जिसमें शिविर स्थल के आसपास लकडिय़ां जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। निगम के आदेश से बाबूघाट के शिविर स्थल के सबसे बड़े आकर्षण बनने वाले नागा साधुओं की उपस्थिति पर संशय मंडरा जाएगा। नागा साधु अपने तन पर भस्म लपेटते हैं, जो उनके सामने जलने वाली धूनी से आती है। धूनी लकडिय़ों से तैयार होती है। अब जब लकडिय़ां नहीं जला सकेंगे तो धूनी कैसे तैयार होगी और जब धूनी नहीं जलेगी तो भस्म या भभूत कैसे रमाएंगे।
बड़ी संख्या में दर्शन को पहुंचते हैं श्रद्धालु
मैदान में लगने वाले शिविर स्थल पर धूनी रमाए नागा साधुओं के दर्शन के लिए महानगर व आसपास के लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। उनके हैरतअंगेज करतबों के साक्षी बनते हैं। उनसे आर्शीवाद लेते हैं। पिछले कुछ वर्षों से महिला नागा साधु भी आयोजन स्थल पर दिखाई देती हैं। नागाओं के अलावा हठयोगी, अखाड़ों के साधु भी शिविर स्थल पर धूनी रमाए रहते हैं। जो पुण्य स् नान से पहले गंगासागर के लिए रवाना हो जाते हैं।
सोमवार को दिखे साधु, लकडिय़ां भी नजर आईं
सोमवार को मैदान में साधु अपना डेरा डंडा लेकर जगह आरक्षित करने के प्रयास में देखे गए। इसके साथ ही लकडिय़ों का भंडार भी यहां वहां पड़ा दिखाई दिया। हालांकि अब तक धूनी जलनी शुरू नहीं हुई है। अगले कुछ दिनों में स्थिति साफ होती दिखेगी।
सर्दी से कैसे निपटेंगे
आउट्राम घाट के शिविरों में ठहरने वाले श्रद्धालुओं को ठिठुरती सर्दी में कांपना पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार शिविरकालीन दिनों में सर्दी पड़ेगी। ऐसे में अलाव के बिना यहां रुकने वाले बुर्जुग तीर्थयात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
क्या कहा था मेयर ने
कोलकाता नगर निगम के मेयर फिरहाद हकीम ने कहा था कि आउट्राम घाट पर श्रद्धालु सर्दी से बचने के लिए अलाव जलाते हैं, कुछ लोग उसी पर भोजन तैयार करते हैं। जिसका धुआं महानगर में प्रदूषण फैलाता है, जिसे रोकने के लिए ही निगम ने लकड़ी पर बैन लगाया है।
Published on:
31 Dec 2019 12:27 am
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