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West Bengal News: कामदुनी सामूहिक बलात्कार-हत्या मामले में नया मोड़, सरकार ने दी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार (Bengal Government) ने 2013 में राज्य के कामदुनी (Kamduni) गांव में 20 वर्षीय युवती के साथ हुए सामूहिक बलात्कार (Gangrape) और हत्या (Murder) से जुड़े मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय (Highcourt) के फैसले को चुनौती देने के लिए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उच्च न्यायालय (Highcourt) ने दोषियों को दी गई मौत की सजा को रद्द कर दिया था। इस फैसले के बाद से राज्य में हंगामा मच गया है।

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West Bengal News: कामदुनी सामूहिक बलात्कार-हत्या मामले में नया मोड़, सरकार ने दी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती

West Bengal News: कामदुनी सामूहिक बलात्कार-हत्या मामले में नया मोड़, सरकार ने दी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती

Bengal Government Challenge Highcourt Decision in Kamduni Gangrape & Murder Case in Supreme Court

क्यों हो रहा हाईकोर्ट (Highcourt) के फैसले का विरोध?
दरअसल 7 जून 2013 को उत्तर परगना के एक छोटे से इलाके कामदुनी (Kamduni) में कॉलेज छात्रा के साथ छह युवकों ने सामूहिक बालात्कार (Gangrape) के बाद उसकी हत्या (Murder) कर दी। इसी मामले की सुनवाई करते हुए साल 2016 में एक सत्र अदालत ने इस वीभत्स अपराध के छह आरोपियों में से अमीन अली, सैफुल अली और अंसार अली को मौत की सजा सुनाई जबकि इमानुल इस्लाम, अमीनुर इस्लाम और भोलानाथ नस्कर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
वहीं कलकत्ता उच्च न्यायालय (Highcourt) ने पिछले हफ्ते अमीन अली को बरी कर दिया और सैफुल अली और अंसार अली की मौत की सजा को उनके प्राकृतिक जीवन के अंत तक आजीवन कारावास में बदल दिया।

सैफुल अली और अंसार अली को इस मामले में दोषी पाया गया और तीन अन्य मामलों में अलग-अलग आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई - सामूहिक बलात्कार, बलात्कार के दौरान पीड़िता की मौत और हत्या; साथ ही आपराधिक साजिश रचने और सबूतों को गायब करने के लिए सात साल के कठोर कारावास की सजा दी गई।

इसके अलावा अदालत ने कहा कि शेख इमानुल इस्लाम, अमीनूर इस्लाम और भोला नस्कर को प्रत्येक को 10,000 रुपये का जुर्माना अदा करने पर रिहा कर दिया जाएगा, लेकिन इस जुर्माने का भुगतान न करने पर उन्हें तीन और महीने के लिए साधारण कारावास भुगतना होगा।

बंगाल सरकार ने दी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती

Bengal Government Challenged Highcourt Decision
पश्चिम बंगाल सरकार (Bengal Government) ने हाईकोर्ट (Highcourt) द्वारा पारित किए गए आदेश के खिलाफ सोमवार को एक विशेष अनुमति याचिका (एसपीएल) दायर की और मामले को तत्काल सुनवाई के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ के समक्ष उल्लेखित किया गया।

राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और गोपाल शंकरनारायण कर रहे हैं जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट को मौत की सजा को पलटने और एक दोषी को बरी करने के उच्च न्यायालय (Highcourt) के फैसले के बारे में बताया। राज्य के वकील ने उच्च न्यायालय (Highcourt) के आदेश पर रोक लगाने की मांग की।

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने अमीन अली को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाए। उन्हें जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।

आम जनता से लेकर राजनीतिक गलियारों तक विरोध के स्वर तेज
वहीं हाईकोर्ट (Highcourt) के इस फैसले से आम जनता में भी काफी आक्रोश है। कोलकाता में आज धर्मतला से मेयो रोड पर गाँधी प्रतिमा तक प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकालने का फैसला किया है। हालांकि जुलूस में बिना किसी राजनीतिक झंडे के शामिल होने का अनुरोध किया गया था लेकिन राज्य में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में महिला मोर्चा दोपहर 1 बजे कामदुनी बस स्टैंड से जुलूस निकालना चाहता था। सुबह से ही वहां टीएमसी कार्यकर्ताओं ने अपने झंडे लगाना शुरू कर दिए तो शाम तक बीजेपी ने इसे अपने झंडो से बदल दिया।

Bengal Government Challenge Highcourt Decision in Kamduni Gangrape & Murder Case in Supreme Court