
कोलकाता. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सोमवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु और मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पत्रकारों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बार-बार मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा। अभिषेक बनर्जी ने स्वयं मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की। हमारे प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय का दरवाजा खटखटाया। हर कदम पर हमें रोका गया। हमारी चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया और हमारी चिंताओं को दरकिनार कर दिया गया।
यह फैसला हमारे रुख की प्रबल पुष्टि
मंत्रियों ने कहा कि आज सुप्रीम कोर्ट ने इस षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया है। यह फैसला हमारे रुख की प्रबल पुष्टि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हम एक भी वैध मतदाता को सूची से हटने नहीं देंगे। हम बंगाल को अपमानित नहीं होने देंगे। पार्टी ने कहा कि भारत का सर्वोच्च न्यायालय, देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था, ने हमारे पक्ष को सही ठहराया है। यह फैसला इस बात की पुनः पुष्टि करता है कि हम इतिहास के सही पक्ष में हैं और जनता के अधिकारों तथा गरिमा की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। भाजपा और उसके अधीनस्थ चुनाव आयोग को मनमानी छोड़कर संवैधानिक मानदंडों का पालन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। लोकतंत्र की जीत होगी। पार्टी ने इस निर्णय को लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
गौरतलब है कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को एसआइआर की सुनवाई में माध्यमिक बोर्ड के एडमिट कार्ड को मान्यता देने का आदेश दिया है।
Published on:
20 Jan 2026 01:28 pm
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