
कोलकाता. बारासात में आयोजित रण संकल्प सभा में तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जैसे लॉर्ड कर्जन बंगाल को तोड़ने में असफल रहे थे, वैसे ही मोदी-शाह की कोशिशें भी नाकाम साबित होंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति विभाजन, डर और भय पर आधारित है तथा बंगाल को दबाव में झुकाने का भ्रम पाल रही है। लेकिन बंगाल न भीख मांगता है और न ही झुकता है।
बंगाल की जनता एकजुट और सतर्क
अभिषेक ने कहा कि जो संस्था संवैधानिक होनी चाहिए थी, उसे ‘निर्यातन कमीशन’ में बदल दिया गया है। दिल्ली की सेवा में संवैधानिक, नैतिक और लोकतांत्रिक सीमाओं का उल्लंघन किया जा रहा है। जीवित नागरिकों को परेशान किया जा रहा है, मतदाताओं को “मृत” बताया जा रहा है और बंगालियों को अपनी ही भूमि में संदिग्ध की तरह देखा जा रहा है। अभिषेक ने भाजपा पर आरोप लगाया गया कि जिन लोगों ने भारत की स्वतंत्रता के लिए कभी संघर्ष नहीं किया और जो ब्रिटिश संरक्षण में फले-फूले, उन्हें यह अधिकार नहीं है कि वे तय करें कि इस राष्ट्र का हिस्सा कौन है और कौन नहीं। अभिषेक ने कहा कि बंगाल की जनता एकजुट और सतर्क है, साथ ही लोकतांत्रिक तरीके से उन्हें पराजित करने के लिए तैयार है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का स्वागत
अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के चुनाव आयोग को दिए गए निर्देश का स्वागत करते हुए कहा कि यह हस्तक्षेप लंबे समय से आवश्यक था और इससे क्रूर, राजनीतिक रूप से प्रेरित तथा अन्यायपूर्ण एसआइआर प्रक्रिया को निर्णायक झटका लगा है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सही आदेश दिया है कि जिन लोगों को मनमाने ढंग से “लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी” जैसी अस्पष्ट और खतरनाक संज्ञा दी गई है, उनके नाम सार्वजनिक किए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा–ईसीआइ गठजोड़ बंगाल विरोधी जमींदारों के रूप में उजागर हुआ है।
Updated on:
20 Jan 2026 03:18 pm
Published on:
20 Jan 2026 03:18 pm
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