29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बीएचयू के बाद पश्चिम बंगाल के रामकृष्ण मिशन कॉलेज के संस्कृत विभाग में मस्लिम प्रोफेसर की नियुक्ति

प्रबंधन ने बीएचयू (BHU) में मस्लिम प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर मचे बवाल को दुर्भाग्यपूर्ण बताया...

less than 1 minute read
Google source verification
पश्चिम बंगाल: रामकृष्ण मिशन कॉलेज के संस्कृत विभाग में मस्लिम प्रोफेसर की नियुक्ति

पश्चिम बंगाल: रामकृष्ण मिशन कॉलेज के संस्कृत विभाग में मस्लिम प्रोफेसर की नियुक्ति

कोलकाता

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के संस्कृत विभाग में सहायक प्रोफेसर के पद पर फिरोज खान की नियुक्ति पर मचा बवाल अभी थमा नहीं कि पश्चिम बंगाल के बेलूड़ इलाका स्थित रामकृष्ण मिशन विद्यामंदिर के संस्कृत विभाग में सहायक प्रोफेसर पद एक मुस्लिम अध्यापक की नियुक्ति हो गई। रमजान अली नामक सहायक प्रोफेसर ने नौकरी ज्वाइन कर ली है। नियुक्ति से प्रसन्न प्रोफेसर रमजान का कहना है उन्हें नौकरी ज्वाइन किए हुए ४ दिन हो गए। अभी तक उन्हें अपने धर्म और विषय को लेकर कभी भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा है।
बेलूड़ रामकृष्ण मिशन शारदापीठ के सचिव दिव्यानंद जी महाराज ने कहा कि हम सर्व धर्म समन्वय की विचारधारा का पालन करते हैं। स्वामी विवेकानंद ने सर्वधर्म की बात की है और इसे हम व्यावहारिक जीवन में उतारते हैं। यहां किसी पद पर मुस्लिम व्यक्ति की नियुक्ति कोई नई बात नहीं है। हमारे दर्शनशास्त्र विभाग के अध्यक्ष एक मुस्लिम हैं। यहां छात्र अपने अध्यापकों को खुले दिल से स्वीकार करते हैं।

उल्लेखनीय है कि बीएचयू में फिरोज खान की नियुक्ति पर संस्कृत विभाग के छात्र विरोध कर रहे हैं। छात्रों का तर्क है कि एक मुस्लिम व्यक्ति उनकी संस्कृति के बारे में शिक्षा नहीं दे सकता। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि फिरोज खान की नियुक्ति यूजीसी के नियमों के तहत हुई है। फिरोज खान की नियुक्ति को लेकर विवाद अभी जारी है।

Story Loader