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बंगाल: पालिकाओं में भर्ती से जुड़ी जांच, सीबीआइ के ताबड़तोड़ छापे

राज्य की नगर पालिकाओं में करोड़ों रुपए की भर्ती से जुड़ी जांच के सिलसिले में सीबीआइ ने रविवार को राज्य के शहरी विकास और नगरपालिका मामलों के मंत्री फिरहाद हकीम और पूर्व मंत्री मदन मित्रा के दो-दो परिसरों पर छापेमारी की। केंद्रीय बल के जवानों ने हकीम के निजी अंगरक्षकों और अधिवक्ताओं को भी आवास में प्रवेश नहीं करने दिया।

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मंत्री हकीम और पूर्व मंत्री मित्रा के परिसरों की तलाशी
कोलकाता. राज्य की नगर पालिकाओं में करोड़ों रुपए की भर्ती से जुड़ी जांच के सिलसिले में सीबीआइ ने रविवार को राज्य के शहरी विकास और नगरपालिका मामलों के मंत्री फिरहाद हकीम और पूर्व मंत्री मदन मित्रा के दो-दो परिसरों पर छापेमारी की। केंद्रीय बल के जवानों ने हकीम के निजी अंगरक्षकों और अधिवक्ताओं को भी आवास में प्रवेश नहीं करने दिया। मंत्री की बेटी प्रियदर्शनी हकीम को भी शुरू में घर में प्रवेश करने से रोका गया, लेकिन बाद में अनुमति दे दी। हकीम कोलकाता के मेयर भी हैं। वे तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और पार्टी संगठन में अच्छा खासा प्रभाव रखते हैं। हकीम और मित्रा दोनों को नारदा स्टिंग ऑपरेशन मामले में सीबीआइ ने 2021 में गिरफ्तार किया था। मित्रा को सारधा चिट फंड घोटला मामले में सीबीआइ 2014 में भी गिरफ्तार कर चुकी है।

यह बदले की राजनीति: तृणमूल
दूसरी ओर तृणमूल ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह केन्द्रीय निधि की मांग को लेकर पार्टी के प्रदर्शन से ध्यान हटाने का प्रयास है। तृणमूल सांसद सांसद सौगत रॉय ने कहा कि यह अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में राजभवन के बाहर विरोध प्रदर्शन से जनता का ध्यान हटाने का एक प्रयास है। लगता है कि भाजपा ने बढ़ते हुए सार्वजनिक असंतोष को भांप लिया है। भाजपा ध्यान दूसरी ओर मोडऩे के लिए हरसंभव तरीके का इस्तेमाल कर रही है। यह प्रतिशोध की राजनीति का एक स्पष्ट उदाहरण है।

तृणमूल के कई नेता भ्रष्टाचार में लिप्त: भाजपा
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अगर तृणमूल के पास कुछ भी छिपाने जैसा नहीं है, तो वो ईडी और सीबीआइ से क्यों भयभीत है। जब भी तृणमूल नेताओं को ईडी और सीबीआइ तलब करती है वे रोना रोते हैं। एजेंसियों के राजनीति से प्रेरित होने का आरोप लगाते रहते हैं। वास्तविकता यही है कि तृणमूल के कई नेता भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। पार्टी का लगभग हर नेता किसी न किसी आरोप का सामना कर रहा है।

यह है मामला
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मामले की जांच के सिलसिले में गत गुरुवार को राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रथिन घोष के आवास सहित कई स्थानों की तलाशी ली थी। केंद्रीय जांच एजेंसियों का आरोप है कि 2014 से 2018 के बीच राज्य के विभिन्न नागरिक निकायों ने पैसों के बदले में लगभग 1,500 लोगों को अवैध रूप से नियुक्त किया था।