राज्य के लोगों को सामाजिक न्याय का समर्थक बताया
कोलकाता. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बंगाल को विज्ञान से लेकर साहित्य, सिनेमा और आध्यात्म सहित विभिन्न क्षेत्रों में अग्रदूतों की जननी करार दिया। यहां की संस्कृति और शिक्षा की सराहना करते हुए उन्होंने बंगाल के लोगों को सामाजिक न्याय के समर्थक करार दिया। अपने सम्मान में कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित नागरिक सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि बंगाल की मिट्टी में त्याग और शहादत, संस्कृति और शिक्षा है। यहां के लोग सुसंस्कृत और प्रगतिशील हैं। बंगाल की भूमि ने जहां अमर क्रांतिकारियों को जन्म दिया है तो दूसरी ओर प्रमुख वैज्ञानिकों को। राजनीति, न्याय प्रणाली, विज्ञा, दर्शन, आध्यात्म, खेल, संस्कृति, व्यवसाय, पत्रकारिता, साहित्य, सिनेमा, संगीत, नाटक और चित्रकला सहित अन्य क्षेत्रों में बंगाल के अग्रदूतों ने नए तरीके और नई पद्धति को खोजा है। इस अवर पर राज्यपाल सीवी आनंद बोस, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
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भारत माता की महिमा को बढ़ाते
राष्ट्रपति ने कहा कि सफलता के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचने के बाद भी बंगाल के लोग अपनी मिट्टी से जुड़े रहते हैं। भारत माता की महिमा को बढ़ाते रहते हैं। यहां के लोगों ने हमेशा सामाजिक न्याय, समानता और स्वाभिमान के आदर्शों को प्राथमिकता दी है। मुझे यह जानकर खुशी हुई कि कोलकाता में एक सड़क का नाम सिदो-कान्हू-दहर रखा गया है। इस तरह की पहल से हमारे स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को बल मिलता है, खासकर हमारे आदिवासी भाई-बहनों के आत्म-विश्वास और आत्म-गौरव को।
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सीएम ममता की संविधान की रक्षा की गुहार
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने द्रौपदी मुर्मू से देश के संविधान की रक्षा करने और इसे संकट से बचाने की अपील की। मुर्मू के स्वागत समारोह में ममता ने उनकी सराहना गोल्डन लेडी के रूप में की और कहा कि देश में विभिन्न समुदायों, जातियों तथा पंथों के लोगों की युगों से सद्भाव के साथ रहने की एक गौरवशाली विरासत रही है।
ममता ने कहा कि मैडम राष्ट्रपति, आप इस देश की संवैधानिक प्रमुख हैं। मैं आपसे संविधान और इस देश के गरीब लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने का अनुरोध करूंगी। हम आपसे इसे आपदा से बचाने का अनुरोध करेंगे।