
कोलकाता.
पश्चिम बंगाल सरकार राज्य के किसानों के राहत पहुंचाने की दिशा में जोरदार पहल करने जा रही है। किसानों से सहायक मूल्य पर कृषि उत्पाद खरीदने का निर्णय लिया गया है। आलू और दाल के अलावा सरसों खरीदने की तैयारी चल रही है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार अब तक समर्थन मूल्य पर किसानों से केवल आलू ही खरीदती रही है। कृषि विभाग के सूत्रों ने बताया कि राज्य में इस साल करीब 5 लाख टन से अधिक दाल और 1.5 लाख टन सरसों का उत्पादन होने की उम्मीद है। उत्पादन अधिक होने के मद्देनजर राज्य सरकार सहायक मूल्यों पर इसे खरीदेगी। ताकि राज्य के किसानों को अभावी बिक्री (डिस्ट्रेस सेल) का सामना नहीं करना पड़े।
चंद्रमुखी आलू का बीज उत्पादन प्रमुखता-
राज्य सरकार चंद्रमुखी आलू उत्पादन पर विशेष जोर दे रही है। इसके लिए इस प्रजाति के आलू का बीज उत्पादन करना अत्यंत जरूरी माना जा रहा है। राज्य के कृषि मंत्री डॉ. आशीष बनर्जी ने बताया कि सरकार उत्तक संवर्धन (टिशू कल्चर) के माध्यम से चंद्रमुखी आलू का बीज उत्पादन करने की योजना पर काम कर रही है। प्रयोग के तौर पर मिदनापुर जिले के आनन्दपुर कृषि फार्म में बीज का उत्पादन किया जा रहा है। कृषि विभाग के अंतर्गत फार्मों में चंद्रमुखी आलू का बीज उत्पादन करने को कहा गया है। कृषि मंत्री के अनुसार राज्य सरकार बीज विकास निगम के माध्यम से चंद्रमुखी आलू का प्रमाणित बीज सस्ते दर पर किसानों को उपलब्ध कराएगी। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि भविष्य में चंद्रमुखी आलू का बीज महंगे दाम पर पंजाब से मंगवाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
दाल का उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य-
राज्य के कृषि मंत्री डॉ. बनर्जी ने बताया कि राज्य में दाल के उत्पादन में लगातार वृद्धि होती जा रही है। 2016-17 में 3.12 लाख टन, 2017-18 में 4.63 लाख टन दाल का उत्पादन हुआ था। राज्य सरकार अत्याधुनिक तकनीक से खेती करने तथा किसानों को जागरूक करने में सफल रही है। फलस्वरूप 2018-19 में 4.75 लाख टन दाल उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। कृषि मंत्री के अनुसार 2010-11 से 2016-17 तक दाल उत्पादन में 77 फीसदी का इजाफा हुआ है।
Published on:
26 Feb 2018 10:43 pm
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