20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोलकाता

लहू से लाल परिवारों पर भाजपा ने खेला दांव

राज्य की राजनीति का लिटमस टेस्ट माने जाले वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सभी राजनीतिक दल साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपना रहे हैं। शह और मात की बिसात में दशकों से सफल माने जाने वाले शहीद परिवारों के फार्मूले को भी अपनाया जा रहा है। इसी कड़ी में भाजपा ने इस बार बीरभूम से लेकर उत्तर दिनाजपुर और मोयना तक ऐसे परिवारों पर भरोसा जताया है जिनके परिजन राजनीतिक हिंसा के शिकार बने हैं।

Google source verification

बीरभूम, कालियागंज, मोयना में प्रत्याशी बने परिजन खोए लोग
साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपना रहे राजनीतिक दल
सफल माने जाने वाले शहीद परिवारों के फार्मूले को भी अपनाया
कोलकाता. राज्य की राजनीति का लिटमस टेस्ट माने जाले वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सभी राजनीतिक दल साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपना रहे हैं। शह और मात की बिसात में दशकों से सफल माने जाने वाले शहीद परिवारों के फार्मूले को भी अपनाया जा रहा है। इसी कड़ी में भाजपा ने इस बार बीरभूम से लेकर उत्तर दिनाजपुर और मोयना तक ऐसे परिवारों पर भरोसा जताया है जिनके परिजन राजनीतिक हिंसा के शिकार बने हैं।

नरसंहार पीडि़त के परिजनों को टिकट
बीरभूम के रामपुरहाट स्थित ग्राम पंचायत बगतुई में इस बार सियासी चमक के पीछे वर्ष 2022 में यहां हुए नरसंहार में मारे गए लोगों के परिजन हैं। यह वह इलाका है जहां हालिया हुए कई चुनाव में तृणमूल के खिलाफ प्रत्याशी खड़े करने की किसी दल की हिम्मत नहीं हुई। गांव के कद्दावर नेता रहे भादू शेख की हत्या हो गई है। जिसके बाद जनसंहार में 10 लोगों को वर्ष 2022 में जिंदा जला दिया गया। अब उन्हीं परिवारों के कई सदस्य इस बार वहां पंचायती चुनाव में भाजपा की टिकट पर ताल ठोंक रहे हैं। भादू हत्याकांड के आरोपियों व जनसंहार की पीडि़तों में से पलाश शेख की मां इस बार भाजपा प्रत्याशी हैं। प्रत्याशियों में सीमा खातून, मरीना बीबी भी उम्मीदवार हैं। भाजपा के लिए प्रत्याशियों के चयन से लेकर उन्हें मैदान में उतारने तक का काम जनसंहार के बाद चर्चा में आए मिहिलाल शेख कर रहे हैं। मिहिलाल बताते हैं कि उनके परिवार के कुल तीन सदस्य भाजपा प्रत्याशी बन रहे हैं। उनके भतीजे, भांजे की पत्नी प्रत्याशी बनी हैं। भाजपा ने आसपास के अल्पसंख्यक इलाकों से भी कई ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जिन्होंने बगतुई कांड में अपने रिश्तेदारों को खोया है।

कालियागंज में मारे गए मृतक की पत्नी को टिकट
उत्तर दिनाजपुर के कालियागंज में राधिकापुर के चंदगांव गांव के राजवंशी युवक की पुलिस फायरिंग में मौत के मामले ने राज्य में सुर्खियां बटोरी थीं। भाजपा ने इस बात पंचायत चुनाव में मृत्युंजय की पत्नी कनिका बर्मन को मैदान में उतारा है। पूर्व में मृत्युंजय के बड़े भाई विष्णु बर्मन भी भाजपा के टिकट पर पंचायत समिति का चुनाव जीत चुके हैं।

मोयना में विजय भुंइया की पत्नी को टिकट
मोयना में बक्का गोका महल इलाके में भाजपा ने अपने नेता दिवंगत विजय भुइयां की पत्नी को प्रत्याशी बनाया है। मई महीने में ही उनकी मौत पर राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप तेज हुए थे। भाजपा ने उनकी हत्या का आरोप लगाते हुए मोयना में बंद का आह्वान भी किया था। इस बार विजय की पत्नी लक्ष्मी भुंइया ने ग्राम पंचायत की सीट के लिए भाजपा प्रत्याशी के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल किया है।

अत्याचार के खिलाफ राजनीतिक प्रतिक्रिया: भाजपा
विधानसभा चुनावों के बाद से ही भाजपा सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर उसके समर्थकों पर हमले का आरोप लगाती रही है। प्रदेश भाजपा मृतकों के परिजनों को लेकर दिल्ली तक जा चुकी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक पार्टी के लिए जान देने वाले कार्यकर्ताओं के परिजनों को जहां भी संभव हो उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य के मुताबिक पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संगठन हमेशा खड़ा है। जो लोग पार्टी के लिए अपनी जान दे चुके हैं उनके परिजनों की उम्मीदवारी शासक दल के अत्याचार के खिलाफ राजनीतिक प्रतिक्रिया है।

तृणमूल हर साल देती है शहीदों को सम्मान
तृणमूल कांग्रेस का सालाना सबसे बड़ा कार्यक्रम 21 जुलाई शहीद दिवस है। इस दिन पार्टी 21 जुलाई 1993 को महाकरण अभियान के दौरान हुई पुलिस की गोलीबारी में मारे गए पार्टी समर्थकों को याद करती है।

भाजपा ने भी शुरू किया है तर्पण अभियान
प्रदेश भाजपा विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद हुई हिंसा के बाद से हर साल महालया के दिन गंगा घाट पर तर्पण का कार्यक्रम आयोजित करती रही है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी कार्यक्रम में शरीक हो चुके हैं।