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लॉकडाउन के नाम पर करोड़ों की कालाबाजारी

लॉकडाउन के कारण पश्चिम बंगाल (West Bengal) में पान मसाला और गुटखा प्रतिबंधित करने के बाद कालाबाजारी जोरों पर है। मुनाफाखोर इन उत्पादों की दो से तीन गुनी कीमत वसूल रहे हैं। प्रशासन आंखे मूंदा हुआ है।

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लॉकडाउन के नाम पर करोड़ों की कालाबाजारी

लॉकडाउन के नाम पर करोड़ों की कालाबाजारी

कोलकाता.
पान मसाले के शौकीन लोगों को लॉकडाउन भारी पड़ रहा है। प्रशासन की मनाही के बाद भी कहीं चोरी छिपे तो कहीं खुल्लमखुल्ला पान मसाला व जर्दा बेचा जा रहा है। कालाबाजारी व मुनाफाखोर लोगों की तलब का फायदा उठाकर पुडिय़ा की कीमतों में दो से तीन गुनी बढ़ोतरी कर चुके हैं। रोजाना करोड़ों की कालाबाजारी हो रही है। प्रशासन के राजस्व पर असर पडऩे के बावजूद कहीं कोई कार्रवाई होती नहीं दिख रही है।
पान मसाले के शौकीन उत्तम गुप्ता ने बताया कि उनके बं्राड का पान मसाला ढाई गुना कीमत पर मिल रहा है। ५ की पुडिय़ा १२ तक पहुंच गई है। दुकानदार थोक से ही महंगा माल मिलने की बात कह रहे हैं। मजबूरी में तलब पूरी करने के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।
राज्य प्रशासन ने पान मसाले और उसके साथ मिलने वाले जर्दे पर प्रतिबंध लगाया है। केन्द्र सरकार भी पान मसाले की पीक से कोरोना संक्रमण फैलाने की आशंका जताते हुए उपयोग को हतोत्साहित करने का अभियान चला रही है। इसके बावजूद कोलकाता व आसपास के उपनगरों में पान मसाले की खरीद बिक्री बदस्तूर जारी है।