
मालदह के आम पर चढ़ा रहे कार्बाइड ,बागवानी विभाग ने जताई चिंता
मालदह- अपने मीठे रसीले आमों के लिए देश भर में प्रसिद्ध मालदह के आम किसान तूफान व भारी बारिश के बाद नुकसान से बचने के लिए कच्चे आम तोड़ कर उन्हें कार्बाइड डालकर पकाने का काम कर रहे हैं। जिले के बागवानी विभाग के पास इस बात की खबर आई है। जिसपर उसने चिंता जताई है। आम उत्पादकों का कहना है कि ब्याज पर कर्ज लेकर आम के व्यवसाय में पैसा लगाया है, अगर मुनाफा नहीं हुआ तो सडक़ पर आ जायेंगे। यदि फिर से तूफान आंधी आएगी तो पेड़ों पर लगे बची खुचे आम भी खत्म हो जाएंगे उनका घाटा बढ़ जाएगा।
बताया जाता है कि इस हफ्ते आंधी-तूफान में भारी संख्या में आम गिर गये हैं। जिसके बाद मालदह के विभिन्न बागानों में कच्चे आम तोडऩे व कार्बाइड देकर पैकिंग करने का काम शुरू हो गया है।
मालदह में रसीले हिमसागर, गोपालभोग, आम्रपाली, लक्खनभोग जैसे दर्जनों रसभरे आम का उत्पादन होता है।
कालियागंज-1 नंबर ब्लॉक के गयेशपुर गांव के किसान इसरत शेख, अमजद शेख ने कहा कि 40 बीघा जमीन पर 250 मन आम की पैदावार हुई थी। आंधी तूफान के बाद अब सिर्फ 35 आम के पेड़ ही फसल से लदे हैं बाकि में कीड़े लग रहे हैं। आम तोडऩे के अलावे दूसरा कोई उपाय नहीं है। वहीं बागवानी विभाग के मालदा सहायक अधिकारी राहुल चक्रवर्ती ने बताया कि आम पकने में समय है। अभी तोडऩा ठीक नहीं है। इस समय आम तोडऩा उचित नहीं है। प्राकृतिक आपदा से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है लेकिन अनेक किसान नुकसान की आशंका से समय से पहले आम तोड़ रहे हैं अभी कार्बाइड देना उचित नहीं है। इस साल उत्पादन अच्छी होने की उम्मीद है
Published on:
17 May 2019 11:53 pm
बड़ी खबरें
View Allकोलकाता
पश्चिम बंगाल
ट्रेंडिंग
