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Cashless economy: कैशलेस लेनदेन छोटे उद्योग के लिए नुकशानदायक और नहीं होता है रोजगार सृजन – ममता

पश्चिम बंगाल को 7वें बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट (बीजीबीएस) में 3.76 लाख करोड़ निवेश के प्रस्ताव मिले। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कैशलेस कारोबार या इकोनॉमी को रोजगार का सृजन के रास्ते में बाधक करार दिया। इस दौरान 188 एमओयू और लेटर ऑफ इनटेंट पर हस्ताक्षर हुए हैं और तीन लाख 76 हजार 288 करोड़ रुपए निवेश का प्रस्ताव मिले हैं। इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की ओर से दिए गए 20 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव भी शामिल है, जिसे अंबानी ने मंगलवार को बीजीबीएस में घोषणा की थी।

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Cashless economy: कैशलेस लेनदेन छोटे उद्योग के लिए नुकशानदायक और नहीं होता है रोजगार सृजन - ममता

Cashless economy: कैशलेस लेनदेन छोटे उद्योग के लिए नुकशानदायक और नहीं होता है रोजगार सृजन - ममता

बीजीबीएस में बंगाल को मिला 3.76 लाख करोड़ निवेश का प्रस्ताव
जमीन और बुनियादी ढाचा है तैयार, बंगाल में करें निवेश
कहा, राज्य के विकास की पहल में शामिल होने वाले सभी को तहे दिल से धन्यवा


पश्चिम बंगाल को 7वें बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट (बीजीबीएस) में 3.76 लाख करोड़ निवेश के प्रस्ताव मिले। बंगाल को निवेश के लिए उपयुक्त गंतव्य स्थल करार करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उद्योगपतियों से राज्य में निवेश करने का अह्वान किया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कैशलेस कारोबार या इकोनॉमी को रोजगार का सृजन के रास्ते में बाधक करार दिया।
बुधवार को दो दिवसीय इस औद्योगिक शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि इस दौरान 188 एमओयू और लेटर ऑफ इनटेंट पर हस्ताक्षर हुए हैं और तीन लाख 76 हजार 288 करोड़ रुपए निवेश का प्रस्ताव मिले हैं। इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की ओर से दिए गए 20 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव भी शामिल है, जिसे अंबानी ने मंगलवार को बीजीबीएस में घोषणा की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश के उक्त प्रस्ताव प्रस्ताव शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि आधारित उद्योग, टेक्सटाइल और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सहित अन्य 16 क्षेत्र में मिले हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल के विकास की पहल में शामिल होने के लिए मैं सभी उद्योगपतियों, विश्व बैंक, एडीबी बैंक, सार्क और एशियान देशों के प्रतिनिधियों को अपने तहे दिल से धन्यवाद देती हूं।
ममता बनर्जी ने बंगाल को उद्योग के लिए उपयुक्त गंतव्य स्थल करार दिया। उन्होंने सम्मेलन में आए उद्योगपतियों से कहा कि बंगाल पूर्वोत्तर का गेटवे है। राज्य में उद्योग के लिए जमीन और बुनियादी ढाचा तैयार है। छह आर्थिक कॉरिडोर बनाए गए हैं। हमारे पास बड़ा बाजार के साथ ही कुशल श्रमिक और मेधावी लोग और वैज्ञानिक भी हैं। आप सभी बंगाल में निवेश कीजिए।
दार्जिलिंग इलाके बन सकते हैं आईटी और डेटा हब
ममता बनर्जी ने उद्योगपतियों से उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग और उसके आसपास वाले ठंडी वादियों में आईटी के क्षेत्र में निवेश करने का भी अह्वान। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग की ठंडी वादियों का मौसम हमेशा ठंडा रहता है। उक्त क्षेत्र आईटी और डेटा सेंटर का हब बन सकता है। आप लोगों से आग्रह है कि आप लोग उक्त क्षेत्र में भी निवेश करें।
कैशलेस इकोनॉमी से रोजगार सृजन नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैशलेस कारोबार या इकोनॉमी से रोजगार का सृजन नहीं होता है। जरा गौर कीजिए कि डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिए खरोद-फरोख्त के कारोबार में कितने लोगों को रोजगार मिलता है। कम आय वाले कितने लोग केडिट कार्ड और डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम वर्ग के उद्योग प्रभावित होते हैं। हमेशा से छोटी चीजे सुन्दर होती है। छोटे उद्योग वास्तव में अधिक लोगों को रोजगार देते हैं। हालांकि मैं डीजिटलाइजेशन के खिलाफ नहीं हूं। अगर डीडिटलाइजेशन करना ही है तो शिक्षा और स्वास्थ्य सहित अन्य क्षेत्र को डीजटलाइजेशन किया जाए। उन्होंने कहा कि भारत में कुल 40 प्रतिशत रोजगार कम हुए हैं, जबकि बंगाल में इसके उलट 42 प्रतिशत रोजगार बढ़ा है। लॉक डाउन में घर से काम करने के दौरान बंगाल में आठ करोड़ मैनडे का सृजन हुआ।
बंगाल के गांव ही ग्रोथ सेंटर
औद्योगिक शिखर सम्मेलन में आए उद्योगपतियों से ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल के गांव ही वृद्धि के केन्द्र हैं। कृषि, रचनात्मकता और 90 लाख स्वरोजगार समूह सक्रिय हैं। उद्योग के लिए महत्वपूर्ण ग्रामीण क्षेत्र को आर्थिक कॉरीडोर से
जोड़ा गया है। लोग ग्रामीण इलाकों में निवेश के बेहतर विकल्प है।