महानगर कोलकाता में होली से पहले हास्य और व्यंग्य का रंग जमा हुआ है। एक ओर जहां प्रीति सम्मेलनों के जरिए अलग अलग समाज के लोग अपने परिचितों के साथ साल भर की यादें ताजा कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर होली की प्रीत खिलखिलाहट, धमाल में कवियों ने तड़का लगाया हुआ है। रंग बिरंगे स्वांग, लोक गीत, नृत्य से भरे रंगारंग आयोजनों ने शहर को होली के रंग में डूबा रखा है