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पश्चिम बंगाल में क्या गुल खिलाने जा रही है कांग्रेस

तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ब्रिगेड रैली का कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने भले ही समर्थन किया हो, पर राज्य में लोकसभा चुनाव में भाजपा को शिकस्त देने के लिए कांग्रेस और माकपा के बीच समझौते की वार्ता शीघ्र शुरू होने वाली है।

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पश्चिम बंगाल में क्या गुल खिलाने जा रही है कांग्रेस

- बंगाल में कांग्रेस और माकपा में समझौता वार्ता शीघ्र

- औपचारिक बातचीत 3 फरवरी के बाद संभव
कोलकाता.

तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ब्रिगेड रैली का कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने भले ही समर्थन किया हो, पर राज्य में लोकसभा चुनाव में भाजपा को शिकस्त देने के लिए कांग्रेस और माकपा के बीच समझौते की वार्ता शीघ्र शुरू होने वाली है। वाममोर्चा की प्रस्तावित 3 फरवरी की ब्रिगेड रैली के बाद दोनों दलों के शीर्ष स्तर पर बातचीत का दौर शुरू होने की उम्मीद है। दोनों ही दलों के विश्वस्त सूत्रों ने ऐसा संकेत दिया है। प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि संसदीय सीटों पर तालमेल को लेकर अति गोपनीय हालत में अनौपचारिक वार्ता कई चरणों में हुई है। दोनों दलों के बीच कुछ विवादित मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने का भी दावा किया गया है।
रायगंज और मुर्शिदाबाद सीट पर अड़चन-

सूत्रों ने बताया कि सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर कांग्रेस रायगंज और मुर्शिदाबाद सीट पर अपना हक जता रही है। कारण ये दोनों सीटें कांग्रेस की परम्परागत सीटों में गिनी जाती हैं। 2014 में दोनों सीटें माकपा की झोली में गई थी। इस बार पार्टी ने 18 से 20 सीटों पर लडऩे का मन बनाया है। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व से राज्य की सभी 42 सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों की सूची मांगी है। इधर, प्रदेश समन्वय समिति के चेयरमैन तथा राज्यसभा सांसद प्रो. प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि प्रदेश स्तर पर बातचीत की शुरूआत कर हम कर सकते हैं पर अंतिम निर्णय लेना कांग्रेस आलाकमान को है। माकपा और कांग्रेस के प्रदेश स्तर के नेताओं का मानना है कि 2016 के चुनाव में दोनों दलों को मिले वोट के आंकड़ों से साफ है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस को मजबूती से टक्कर दी जा सकती है। वर्ष 2014 के चुनाव में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को 39.3 फीसदी, माकपा समेत वाममोर्चा को 29.5 फीसदी, कांग्रेस को 9.6 फीसदी तथा भाजपा को 16.9 फीसदी वोट मिले थे। राज्य की कुल 42 सीटों में से तृणमूल को 34, कांग्रेस को 4, माकपा और भाजपा को दो-दो सीटें मिलीं थीं।