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सिलीगुड़ी में फिर बढ़ी भू माफियाओं की गतिविधियां, अवैध जमीन पर कब्जा करने की प्रवृत्ति भी

रामकृष्ण मिशन के परिसर पर हमले ने एक बार फिर सिलीगुड़ी में भू-माफियाओं की हिंसा और उनकी सक्रियता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चेतावनियों और पुलिस कार्रवाई के कारण कई वर्षों से अवैध भूमि सौदेबाजी अपेक्षाकृत कम हुई हैं।

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सिलीगुड़ी में फिर बढ़ी भू माफियाओं की गतिविधियां, अवैध जमीन पर कब्जा करने की प्रवृत्ति भी

सिलीगुड़ी में फिर बढ़ी भू माफियाओं की गतिविधियां, अवैध जमीन पर कब्जा करने की प्रवृत्ति भी

रामकृष्ण मिशन के परिसर पर हमले ने एक बार फिर सिलीगुड़ी में भू-माफियाओं की हिंसा और उनकी सक्रियता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चेतावनियों और पुलिस कार्रवाई के कारण कई वर्षों से अवैध भूमि सौदेबाजी अपेक्षाकृत कम हुई हैं। लेकिन कुछ दिनों से सिलीगुड़ी के आसपास भू-माफियाओं की गतिविधि फिर से बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में सिलीगुड़ी और इससे सटे इलाकों में जमीन की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और अवैध जमीन पर कब्जा करने की प्रवृत्ति भी बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों की शिकायत है कि भू-माफिया इसी तरह से हमले कर रामकृष्ण मिशन की जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग ऐसी घटनाओं पर विराम देने के प्रति कुछ पुलिस अधिकारियों के उदासीन होने का भी आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट ने कहा कि वह अवैध भूमि लेनदेन को रोकने के लिए हमेशा सक्रिय हैं।

हमले के सिलसिले में पांच शिकंजे में

पुलिस के अनुसार रामकृष्ण मिशन पर हमले के सिलसिले में पांच लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार लोगों में शंभू दास, देवाशीष सरकार, शंभू महतो और श्यामल वैद्य भक्तिनगर इलाके के रहने वाले है। पलिस ने माटीगाड़ा थाना अंतर्गत शिव मंदिर इलाके का निवासी राजीव बसाक को भी गिरफ्तार किया है। डीसीपी (ईस्ट) दीपक सरकार ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रामकृष्ण मिशन ने शिकायत की थी कि 19 मई की रात प्रदीप रॉय समेत 10-12 लोग उनके आश्रम में घुस आए। मिशन के लोगों की पिटाई करके उनके मोबाइल छीन लिए और सीसीटीवी फुटेज को नष्ट कर दिया। शिकायत मिलने के बाद हमने जांच शुरू कर दी थी। मुख्य आरोपी प्रदीप राय अब भी फरार है। जांच जारी है। गिरफ्तार लोगों के खिलाफ धारा 457, 427, 325, 379, 506, 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जमीन हड़पने की शिकायतों का लगा रहता है तांता

अपने सिलीगुड़ी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासन को भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने के निर्देश दिए जाने पर प्रशासन के सख्त होने से भू-माफिया नियंत्रण में भी आ जाते है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एनजेपी क्षेत्र में एक समय भू-माफिया का शासन था। उनकी अचानक मौत के बाद इलाके में दो गुट बन गए हैं। इलाके पर कब्ज़े को लेकर उन में लगातार झड़पें होती रहीं। धीरे-धीरे वे इलाके शांत हो गए। लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार ज़मीन कब्जा करने की शिकायतें कभी पूरी तरह बंद नहीं हुईं। सिर्फ एनजेपीई ही नहीं, बल्कि कमिश्नरेट के विभिन्न थाना इलाकों में हर महीने कम से कम 20 जमीन हड़पने की शिकायतें दर्ज की जाती हैं। भूमि एवं भू-राजस्व विभाग के सूत्रों के मुताबिक, आए दिन भूमि के स्वामित्व को लेकर विवादित पत्र आ रहे हैं। भू-माफिया पहले खाली पड़ी जमीन पर किसी को बसा देते हैं। उसके लिए वे मोटी रकम वसूलते हैं। फिर फर्जी दस्तावेज बनवाते हैं। बाद में उसे दिखाकर मामला दायर करते हैं। इसके तहत लेन-देन होता है।

हमला सिलीगुड़ी के 'सेवक हाउस' नामक घर पर

स्थानीय लोगों का दावा है कि रामकृष्ण मिशन की घटना में भी यही प्रवृत्ति देखी गई है। उनके अनुसार आपराधिक हमला सिलीगुड़ी के 'सेवक हाउस' नामक घर में हुआ था। सेवक रोड से चार मील दूर, लगभग दो एकड़ जमीन वाला दो मंजिला घर, जलपाईगुड़ी शहर के निवासी सुनीलकुमार रॉय की ओर से जलपाईगुड़ी रामकृष्ण मिशन को दान में दिया गया था। बाद में उस जमीन के मालिकाना हक को लेकर जलपाईगुड़ी रामकृष्ण मिशन के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया। अदालत के फैसले के अनुसार, संपत्ति अब मिशन के हाथों में है। मिशन अधिकारियों ने वहां एक स्कूल बनाने की योजना बनाई है। उस घर में मिशन के कुछ भिक्षु रहते थे और वहीं हमला हुआ है।