
दिल्ली में हिंसा: व्यथित बंगाल की सीएम ममता ने लिखी कविता
कोलकाता.
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए कविता लिखना कोई नई बात नहीं है। देश में किसी भी बड़ी घटना के बाद मुखर होकर ममता कविता लिखने में पीछे नहीं रहीं। दिल्ली में पिछले 3 दिनों से सीएए विरोधी आंदोलन पर हमले के बाद उत्पन्न हालात और व्याप्त हिंसा से व्यथित ममता ने बुधवार को अपनी ओडिसा यात्रा पर व्यस्त कार्यक्रमों के उपरांत कविता लिख डाली। ‘नरक’ नामक शीर्षक की उक्त कविता 21 लाइन की है। जिसमें दिल्ली की हिंसा, रक्तपात और सरकार की भूमिका का उल्लेख किया है। ममता की यह कविता अंग्रेजी, हिन्दी और बांग्ला भाषा में है। देश में नोटबंदी के बाद भी ममता ने कविता लिखी थी। अब दिल्ली में व्याप्त हिंसा को लेकर ‘नरक’ नामक कविता को सोशल नेटवर्क पर पोस्ट भी किया है।
सीएए के विरोध में भी गत दिसम्बर महीने में ममता ने ‘अधिकार’ नामक शीर्षक से कविता लिख देशवासियों में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया। उन्होंने लिखा था कि वह इस देश को नहीं जानती, यहां जन्मी भी नहीं। हम तो भारतवर्ष में जन्मग्रहण किए और भेदभाव करना नहीं सीखे।
लोकसभा चुनाव के वक्त भी ममता ने ‘जरूरी’ शीर्षक कविता लिख चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाया था। लोकसभा चुनाव प्रचार के वक्त कोलकाता में अमित शाह की रैली के दौरान उत्पन्न हंगामा और ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने की घटना को ममता ने ‘लज्जित’ शीर्षक कविता के माध्यम से विरोध किया था।
Published on:
26 Feb 2020 06:51 pm
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