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नहीं किया इलाज, ड्यूटी के दौरान ही नर्स की मौत

चिकित्सा में लापरवाही को लेकर महानगर के साल्टलेक स्थित निजी अस्पताल आमरी एक फिर विवादों में घिर गया है

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Nurse's death

Nurse's death

कोलकाता. चिकित्सा में लापरवाही को लेकर महानगर के साल्टलेक स्थित निजी अस्पताल आमरी एक फिर विवादों में घिर गया है। अस्पताल प्राधिकरण ने ड्यूटी के दौरान बीमार हुई नर्स का इलाज करने से मना कर दिया। नर्स उमा खेस की गुरुवार सुबह मौत हो गई। इससे भडक़े अस्पताल कर्मियों ने हंगामा किया और एचआर अधिकारी को जमकर पीटा।


पिछले तीन दिनों से नर्स उमा बुखार से पीडि़त थी। उसने छुट्टी की कई बार अपील की, लेकिन नहीं मिली। इस कारण उसे बीमारी की हालत में ड्यूटी करनी पड़ रही थी। ड्यूटीरत नर्स की बुधवार रात तबीयत बिगड़ गई। पेनकिलर देकर उसे सीटी स्कैन करने की सलाह दी गई। अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल इलाज करने की बजाए गुरुवार सुबह उसे ईएसआई अस्पताल जाने को कहा। अस्पताल जाने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

अमानवीय व्यवहार से भडक़े कर्मचारी
इस अमानवीय कदम से नाराज कर्मियों ने अस्पताल के सामने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। जब एचआर अधिकारी उन्हें समझाने पहुंचे तो कर्मचारी उनपर टूट पड़े। किसी तरह वह जान बचाकर भागे। इस बीच अस्पताल ने पूरी घटना की जांच के आदेश देते हुए नर्सिंग अधीक्षक तुलिका राय तथा ईएमओ अनिन्दय सरकार को दोषी बताकर उनको निलम्बित कर दिया गया।

दावा, इलाज होता तो बच जाती नर्स
दूसरी तरफ अस्पताल कर्मचारियों ने प्राधिकरण के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए आरोप लगाया कि भेड़ बकरियों की तरह कर्मचारियों से व्यवहार किया जाता है। उनको छुट्टी मिलना भी मुश्किल है। उनका दावा है कि समय पर इलाज होता तो उक्त ओडिशा निवासी नर्स आज जीवित होती। का.सं.

रेलवे ट्रैक किनारे युवती का शव मिला

Body of young woman IMAGE CREDIT: Google

सियालदह डिवीजन में पातिपुकुर स्टेशन के नजदीक रेलवे ट्रक किनारे गुरुवार सुबह एक युवती का खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे। मृतका की पहचान समा परवीन (२१) के रूप हुई है। वह आसनसोल की रहने वाली थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया गया है। मामले की जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच में पता चला कि पिता और भाई की आकस्मिक मौत के बाद उसका दिमागी संतुलन बिगड़ गया था।

ईद के दिन से वह लापता थी। समा की हत्या की गई है अथवा उसकी दुर्घटना में मौत हुई है। इसका पता नहीं चल पाया है। जीआरपी का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल पाएगा कि मामला हत्या का अथवा आत्महत्या का। जांच जारी है। सुबह स्थानीय लोगों ने सबसे पहले शव को देखा।


उन्होंने एक ट्रेन को रोक कर उसके चालक को जानकारी दी। चालक ने फोन पर दमदम जीआरपी को खबर दी। दोपहर लगभग एक बजे जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। शव से कुछ दूर उसका बैग पड़ा था। बैग से मिले कागजात से उसकी पहचान हुई। जांच जारी है।

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