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पश्चिम बंगाल में 12 जिला परिषदों का कामकाज संभालेंगे डीएम

पश्चिम बंगाल सरकार मियाद पूरे हुए त्रिस्तरीय पंचायतों का कमान प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दिया है।

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पश्चिम बंगाल में 12 जिला परिषदों का कामकाज संभालेंगे डीएम


- प्रशासनिक अधिकारियों के हाथों मियाद पूरे हुए पंचायतों का कमान

कोलकाता.

पश्चिम बंगाल सरकार मियाद पूरे हुए त्रिस्तरीय पंचायतों का कमान प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दिया है। जिलों में फिलहाल ग्रामीण विकास का काम प्रशासनिक अधिकारी ही देखेंगे। 12 जिला परिषदों का कामकाज संभालेंगे डीएम, गत मई में सम्पन्न हुए पंचायत चुनाव में निर्विरोध जीते उम्मीदवारों का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। फलस्वरूप कई ग्राम पंचायत, पंचायत समितियों और जिला परिषद में बोर्ड का गठन खटाई में पड़ा हुआ है। ऐसे पंचायतों के कामकाज देखने के लिए राज्य सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों को दायित्व सौंपा है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट सोमवार को अपना फैसला सुना सकती है। उल्लेखनीय है कि 7 अगस्त को राज्य के समस्त पंचायतों के मियाद पूरे हो गए। अधिकांश जगहों में बोर्ड गठन की प्रक्रिया जारी है। पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग ने मंगलवार को एक अधिसूचना जारी की है। जिसमें कहा गया है कि अगले तीन महीने तक जिला परिषद का दायित्व संबंधित जिले के कलक्टर (डीएम), पंचायत समिति का दायित्व महकमा अधिकारी (एसडीओ) और ग्राम पंचायत का दायित्व बीडीओ को सौंपा गया है। राज्य सरकार के सूत्रों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के पश्चात् बोर्ड गठन की गुत्थी सुलझ जाती है तब संबंधित त्रिस्तरीय पंचायतों का दायित्व निर्वाचित बोर्ड को सौंप दिया जाएगा। बोड गठन की प्रक्रिया जारी-पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग की विज्ञप्ति के अनुसार राज्य में उन त्रिस्तरीय पंचायतों में निर्वाचित बोर्ड गठन की प्रक्रिया जारी है जहां चुनाव को लेकर कोई विवाद नहीं था। करीब 34 फीसदी सीटों को लेकर विवाद है। सूत्रों ने बताया कि 1638 ग्राम पंचायत, 123 पंचायत समिति और 8 जिला परिषद में बोर्ड गठन की प्रक्रिया चल रही है। पंचायत व ग्रामीण विभाग ने 16 से 29 अगस्त तक ग्राम पंचायत, 31 अगस्त से 9 सितम्बर तक पंचायत समिति और १० से १३ सितम्बर तक जिला परिषद में नए बोर्ड के गठन की प्रक्रिया पूरी करने की समय सीमा निर्धारित कर दी है।