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कोलकाता और मुर्शिदाबाद में ED की बड़ी कार्रवाई, नौ ठिकानों पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की छापेमारी

Kolkata Money Laundering Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता और मुर्शिदाबाद में मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन धोखाधड़ी के मामले में पूर्व पुलिस अधिकारी और कथित अपराधियों के ठिकानों पर छापेमारी की।

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ED Raid

ED की बड़ी कार्रवाई (File Photo)

Kolkata ED Raid: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग, वसूली और जमीन धोखाधड़ी मामले में शुक्रवार को राज्य में बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने कोलकाता पुलिस के पूर्व अधिकारी शांतनु सिन्हा विश्वास और कथित अपराधी विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू से जुड़े धन शोधन मामले में कई परिसरों पर नए सिरे से छापे मारे। ईडी सूत्रों के मुताबिक कोलकाता और मुर्शिदाबाद में कुल नौ ठिकानों पर छापेमारी की गई।

जमीन लेन-देन के संबंधों में जांच जारी

जिन ठिकानों पर छापेमारी की गई उनमें मोहम्मद अली उर्फ मैक्स राजू, विश्वास के रिश्तेदार सौरभ अधिकारी और उसके एक करीबी सहयोगी रुहिल अमीन अली, जो कोलकाता पुलिस में सब इंस्पेक्टर है, के साथ मुर्शिदाबाद स्थित विश्वास का घर भी शामिल है। सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता के अलावा मुर्शिदाबाद जिले के कांदी में विश्वास के पैतृक घर पर भी छापेमारी की गई। जांच के दायरे में कई अन्य लोगों के ठिकाने भी शामिल हैं। इन सभी से कथित रूप से इस नेटवर्क से जुड़े वित्तीय और जमीन लेन-देन के संबंधों की जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीम केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में महानगर के बालीगंज इलाके के फर्न रोड स्थित शांतनु सिन्हा विश्वास के फ्लैट पहुंची। कई बार नोटिस भेजने और जवाब नहीं मिलने के बाद अधिकारियों ने फ्लैट का ताला तोड़कर तलाशी अभियान चलाया।

दस्तावेज, वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूत जुटाए

जानकारी के अनुसार, ईडी की टीमों ने सुबह करीब 6 बजे कोलकाता और आसपास के कई इलाकों में एक साथ कार्रवाई की। कोलकाता के रॉयड स्ट्रीट पर स्थित होटल, एक कारोबारी के घर और कोलकाता पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर के आवास पर भी छापेमारी की गई। ईडी की टीम ने मुर्शिदाबाद जिले के कांदी नगर पालिका वार्ड नंबर 8 स्थित उनके आलीशान घर पर भी छापेमारी की। इस दौरान दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े अहम सबूत जुटाए गए। जांच एजेंसी को पूर्व डीसीपी के बैंक खातों और सोना पप्पू से जुड़े लोगों के बीच करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेनदेन के संकेत मिले हैं। सूत्रों का दावा है कि यह नेटवर्क कथित तौर पर जबरन वसूली, अवैध जमीन कब्जा और आर्थिक लेनदेन के जरिए संचालित किया जा रहा था, जिसमें कुछ पुलिस अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। जांच एजेंसी को जबरन कम दाम में संपत्ति बेचने और सरहद पार के लेन-देन से जुड़े कई और सबूत भी मिले हैं।

कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बरामद दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है ताकि अवैध संपत्ति और धन के लेन-देन से जुड़े सुराग मिल सके। अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोगों पर जबरन जमीन की खरीद-फरोख्त और अवैध धन के संचालन में सहायता करने का आरोप है। इसी संदर्भ में दक्षिण कोलकाता में एक व्यवसायी के घर की तलाशी ली गई, जो विश्वजीत पोद्दार का करीबी बताया जाता है। ईडी का कहना है कि यह पूरा मामला संगठित वित्तीय अनियमितताओं और अवैध संपत्ति लेन-देन से जुड़ा हुआ है, जिसमें कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे और भी छापेमारी की जा सकती है।

सोना पप्पू के खिलाफ कई आरोप दायर

ईडी ने सोना पप्पू के खिलाफ अदालत में कई आरोप दायर किए हैं। सोना पप्पू को सिंडिकेट और भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया था। केंद्रीय जांच एजेंसी ने अदालत में दावा किया कि सोना पप्पू लोगों को धमकाकर उनकी जमीन और संपत्ति कम कीमतों पर हथिया लेता था। सिर्फ सोना पप्पू ही नहीं, प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में तीन लोगों के एक गिरोह का भी जिक्र किया है। एजेंसी ने दावा किया कि पप्पू बेहला के कारोबारी जॉय कामदार और शांतनु सिन्हा विश्वास के लिए काम करता था। वह जमीन सिंडिकेट की अहम जिम्मेदारियां भी संभालता था। एजेंसी ने दावा किया कि पप्पू पर कई आरोप हैं, जिनमें रंगदारी, धमकी, जमीन पर कब्जा और हथियारों का अवैध कब्जा शामिल है।