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ईडन गार्डन की क्षमता 67 हजार, मांग 1 लाख से अधिक

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और बीसीसीआइ के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली अपने बड़े भाई और बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) के अध्यक्ष स्नेहाशीष गांगुली के समर्थन में मजबूती से सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि रविवार को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कोलकाता में होने वाले विश्व कप मुकाबले के टिकट विवाद में राज्य संघ की कोई भूमिका नहीं है।

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ईडन गार्डन की क्षमता 67 हजार, मांग 1 लाख से अधिक

ईडन गार्डन की क्षमता 67 हजार, मांग 1 लाख से अधिक

टिकट विवाद: कैब अध्यक्ष और बड़े भाई के समर्थन में उतरे सौरव
कोलकाता. टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और बीसीसीआइ के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली अपने बड़े भाई और बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) के अध्यक्ष स्नेहाशीष गांगुली के समर्थन में मजबूती से सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि रविवार को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कोलकाता में होने वाले विश्व कप मुकाबले के टिकट विवाद में राज्य संघ की कोई भूमिका नहीं है। कोलकाता पुलिस ने एक फैन की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए स्नेहाशीष को स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया है। फैन के मुताबिक कैब, ऑनलाइन टिकट वितरक बुक माइ शो व अन्य ने जानबूझकर आम जनता के लिए उपलब्ध टिकटों का एक बड़ा हिस्सा अलग रख दिया और जिहें व्यक्तिगत लाभ के इरादे से कालाबाजारी करने वालों के लिए उपलब्ध कराया गया है।
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पूरी नहीं की जा सकती टिकटों की मांग
पूर्व भारतीय क्रिकेट प्रशासक गांगुली ने कहा कि पुलिस कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई कर सकती है। कैब की इसमें कोई भूमिका नहीं है। ईडन गार्डन की दर्शक क्षमता 67 हजार लोगों की है और मांग एक लाख से अधिक की है। गांगुली ने कहा कि ऐसी स्थिति हर जगह होती है, टिकटों की मांग पूरी नहीं की जा सकती। इस पर किसी का नियंत्रण नहीं है, केवल पुलिस ही इसे रोक सकती है।
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आजीवन सदस्य लगातार कर रहे प्रदर्शन
कैब के कुछ आजीवन सदस्यों को मैच का टिकट नहीं मिला है। इसे लेकर वे प्रतियोगिता शुरू होने से लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। संघ के लगभग 11 हजार सदस्य हैं। जिनमें आजीवन, सहयोगी और वार्षिक सदस्य शामिल हैं। गांगुली ने कहा कि कैब के संविधान में ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि आजीवन सदस्य को आजीवन टिकट मिलेगा। आमतौर पर सदस्यता कार्ड दिखाने पर टिकट दिए जाते थे लेकिन इस बार सदस्यों को पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराना पड़ा। पोर्टल कई बार क्रैश भी हो गया जिससे टिकटों की समस्या बढ़ गई।
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पांच गुना कीमतों पर कालाबाजारी
भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच पांच नवम्बर को यहां होने वाले मुकाबले के टिकटों की सबसे कम कीमत नौ सौ रुपए है जो कालाबाजारियों की ओर से पांच गुने से ज्यादा की कीमत पर बेचे जा रहे थे। इसके अलावा 3000, 2500 और 1500 रुपए मूल्य के टिकटों की भी कालाबाजारी किए जाने की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की है।
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बुक माई शो के अधिकारियों से पूछताछ
इधर, शुक्रवार को बुक माइ शो के अधिकारी मैदान थाने में पहुंचे। उनसे टिकटों की ऑनलाइन बिक्री को लेकर सवाल-जवाब किए गए। वहीं कोलकाता पुलिस ने बताया कि टिकटों की कालाबाजारी के आरोप में शुक्रवार दोपहर तक कुल 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कालाबाजारियों के पास से भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका मैच के कुल 94 टिकट जब्त किए गए हैं। मैदान और इंटाली थाने में इस मामले से जुड़ी कुल सात एफआइआर दर्ज की गई हैं।
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तृणमूल सांसद ने जताई नाराजगी
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने भारत-दक्षिण अफ्रीका मैच के टिकटों की ऑनलाइन बिक्री पर नाराजगी जताई है। अपने एक्स हैंडल पर उन्होंने लिखा कि ऑनलाइन विक्रेता कम टिकट दिखा रहे हैं। कोलकाता पुलिस को टिकट कालाबाजारियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। सट्टेबाजों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।