
आगामी शैक्षिणक सत्र की फीस हो माफ- - युनाईटेड गार्जियंस एसोसिएशन
कोरोना स्थिति में निजी स्कूलों की फीस भरने को लेकर आंदोलन कर रहे अभिभावकों के संगठन युनाईटेड गार्जियंस एसोसिएशन ने आगामी शैक्षिणक सत्र की फीस हो माफ करने सहित कई मांगों को लेकर दोरीना क्रासिंग अवरोध किया। अभिभावकों का कहना है कि अभी भी कोरोना की स्थिति से वे अभी भी उबर नहीं पाएं हैं। अतः शैक्षणिक सत्र 2021-22 की फीस माफ की जाए। अभिभावकों का आरोप है कि निजी स्कूल कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को भी नहीं मान रहे है। कोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों की 20 प्रतिशत फीस घटाने का निर्देश दिए थे। इसके साथ ही कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल, 2020 से शुरू होने वाले शैक्षणिक वर्ष में कोई गैर-शैक्षणिक शुल्क नहीं लिया जा सकता है। यह कहा गया है कि किसी भी स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन में किसी भी तरह से वृद्धि नहीं की जा सकती है, जब तक कि यह कोरोना स्थिति समाप्त नहीं हो जाती। प्रत्येक स्कूल कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले का पालन करने के लिए बाध्य है।।युनाईटेड गार्जियंस एसोसिएशन के संयोजक सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद भी स्कूल गैर शैक्षिणक फीस ले रहे है। इसके थी फीस के लिए बार बार छात्रों को नोटिस दे रहे है कि वे जमा करें वर्ना उनकी आनलाइन कक्षाएं बंद कर दी जाएंगी। अभिभावकों की मांग है कि हर हाल में सरकार कोई न कोई हल निकाले। हम उन सेवाओं के लिए कोई शुल्क नहीं देना चाहते हैं जो हमने ली न हो। एक घंटे के अवरोध के बाद स्कूल शिक्षा विभाग में उन्होंने अपना मांगपत्र सौंपा।
Published on:
12 Feb 2021 08:22 am
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