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पैकेट बंद दूध का उत्पादन करेगी बंगाल सरकार

रोजाना 20,000 लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य

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Kolkata West bengal

पैकेट बंद दूध का उत्पादन करेगी बंगाल सरकार

- दक्षिण 24 परगना में बनेगा सुन्दरिनी मिल्क प्रोजेक्ट केंद्र

कोलकाता

पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में दूध का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में जोरदार पहल करने जा रही है। मदर डेयरी के बाद सुन्दरिनी नामक मिल्क प्रोजेक्ट तैयार करने का निर्णय लिया है। 30 करोड़ रुपए की लागत से दक्षिण २४ परगना में दूध उत्पादन केंद्र स्थापित किया जाएगा। राज्य सरकार के अधीनस्थ यह दूसरी संस्था होगी। राज्य सरकार के सूत्रों ने बताया कि राज्य में दूध का उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। सुन्दरिनी ब्रांड के दूध की कीमत कितनी होगी? अभी यह तय नहीं हो पाया है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार अन्य दूध उत्पादन कम्पनियों के मूल्यों के साथ सामंजस्य रखते हुए इसका मूल्य निर्धारण करेगी। जो आमलोगों के पहुंच में हो। उल्लेखनीय है कि सुंदरवन में सुन्दरिनी ब्रांड के तहत शुद्ध घी, अंडे और मधु का कारोबार चल रहा है। राज्य सरकार के सूत्रों ने बताया कि 1974 में मदर डेयरी अपनी स्थापना के बाद केवल दूध उत्पादन के लिए मशहूर थी। समय के साथ तालमेल रखते हुए मदर डेयरी दूध के अलावा दही, लस्सी, मीठा दही, पनीर, मक्खन, छाछ और फलों का जूस तैयार करने लगी।

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बढ़ेगी टे्रनों की स्पीड, लगेंगे सीसीटीवी कैमरे

-एक्सप्रेस के साथ टे्रनों पर विशेष ध्यान

कोलकाता

रेलवे की ओर से पूर्व रेलवे व दक्षिण पूर्व रेलवे की टे्रनों की स्पीड बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही यात्रा सुरक्षा को ध्यान देते हुए कोचों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कोलकाता से दिल्ली, मुम्बई के लिए रवाना होने वाली राजधानी व दुरंतों में सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। इसके साथ सभी एक्सप्रेस टे्रनों में कैमरे लगाए जाएंगे। रेलवे के सूत्रों ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में यात्री सुरक्षा के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें कैमरे लगाने के लिए भी पैसे आवंटित किए गए हैं।

उपनगरीय पर विशेष ध्यान

रेलवे के सूत्रों ने बताया कि उपनगरीय टे्रनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इनकी स्पीड बढ़ाने के साथ ही यात्री सुरक्षा के लिए क्लोज सर्किट कैमरे लगेंगे। एक कोच में कम से कम कैमरे लगेंगे। मालूम हो कि दक्षिण पूर्व रेलवे की उपनगरीय टे्रनों में यह कैमरे लग चुके हैं। वहीं टे्रनों की स्पीड भी बढ़ाकर १६० किमी की जा सकती है।