
घायल शेर होता है और ज्यादा खतरनाक: ममता
फिर चुनावी रण में उतरीं तृणमूल प्रमुख ने भरी हुंकार
कहा, व्हील चेयर पर ही करूंगी पूरे बंगाल का दौरा
कोलकाता.
चोट लगने के बाद फिर चुनावी रण में उतरीं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में रविवार को बाद बड़ा ऐलान किया। उन्होंने महानगर के हाजरा रोड पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वह पश्चिम बंगाल के सभी इलाकों में व्हील चेयर पर दौरा करेंगी। लोगों को संबोधित करते हुए ममता ने यह भी कहा कि घायल शेर सामान्य शेर से अधिक खतरनाक होता है। मुझे चोट लगने के कारण 4-5 दिन बर्बाद हो चुके हैं। अगर मैं 15 दिन तक आराम करती तो बंगाल के लोगों के बीच में कौन जाता। अगर मैं लोगों के बीच ना जाती तो मेरे विरोधी सफल हो जाते। ऐसा ठीक नहीं होगा। उन्हें चुनाव प्रचार करने से रोकने के प्रयास विफल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वह व्हीलचेयर पर राज्य भर में टीएमसी उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगी। उन्होंने कहा कि मैंने अपने जीवन में बहुत सारे हमलों का सामना किया है, लेकिन मैंने कभी किसी के सामने आत्मसमर्पण नहीं किया है। मैं अपना सिर कभी नहीं झुकाऊंगी। मैं अब इसी व्हीलचेयर पर राज्य के हर इलाके का दौरा करूंगी और मैं यह कहना चाहती हूं कि घायल शेर सामान्य शेर से अधिक खतरनाक होता है। मेरा दर्द लोगों की पीड़ा से अधिक नहीं है, क्योंकि तानाशाही के जरिए लोकतंत्र को रौंदा जा रहा है। ममता रविवार शाम दुर्गापुर के लिए रवाना हो गई। वह सोमवार को दो रैलियों को संबोधित करेंगी।
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भंगा पाये खेला होबे, लगाया नारा
ममता बनर्जी ने ये भाषण उसी हाजरा रोड पर दिया, जहां 1990 में उनपर हमला किया गया था। वाममोर्चा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए ममता बनर्जी के सिर पर हाजरा रोड मोड़ पर हमला हुआ था। इस बार हमले की उसी घटना को ध्यान में रखते हुए हाजरा रोड मोड़ को ममता के भाषण के लिए चुना गया। टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने ममता को बंगाल की बेटी बताने वाले पोस्टर और तख्तियां पकड़ी हुई थीं। तृणमूल समर्थकों ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की और विधानसभा चुनाव में बाहरी लोगों को हराने की अपील की। कार्यकर्ताओं ने ममता के पैर की चोट की ओर से इशारा करते हुए नारा लगाया कि भंगा पाये खेला होबे।
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अब और दम के साथ लड़ेंगे चुनाव
ममता बनर्जी ने अपने रोड शो से पहले एक ट्वीट कर ये भी लिखा कि हम अब और दम के साथ चुनाव लड़ेंगे। हम अब भी पूरे दम के साथ लड़ते रहेंगे। मैं बहुत दर्द में हूं, लेकिन मैं उस दर्द को महसूस कर सकती हूं जो मेरे लोगों में है और मुझसे अधिक है। ये लड़ाई हमारी उस जमीन की है, जिसके लिए हमने बहुत संघर्ष किया है। हम और संघर्ष करेंगे, लेकिन कायरता दिखाकर हार नहीं मानेंगे। ममता बनर्जी इस बार हाई-प्रोफाइल नंदीग्राम सीट पर पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। उनका मुकाबला उनके पूर्व विश्वासपात्र शुभेंदु अधिकारी के साथ है, जो अब भाजपा में शामिल हो गए हैं।
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हमले के बाद पहली बार मैदान में ममता
नंदीग्राम में हुए कथित हमले के बाद ममता बनर्जी रविवार को पहली बार सड़क पर उतरीं। खास बात यह कि ममता के रोड शो में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया है। इससे पहले ममता ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर भी ऐसी ही एक पदयात्रा निकाली थी। हालांकि रविवार को हुआ रोड शो इसलिए खास है, क्योंकि इसमें ममता बनर्जी ने व्हीलचेयर पर बैठकर लोगों का अभिवादन किया। सुरक्षाकर्मी उनके व्हीलचेयर को पकड़ कर आगे बढ़ा रहे थे। ममता नंदीग्राम दिवस के मौके पर कोलकाता में गांधी मूर्ति से लेकर हाजरा मोड़ तक पांच किलोमीटर लंबे रोडशो में शामिल हुईं। टीएमसी 14 मार्च को नंदीग्राम दिवस के तौर पर मनाती है। पार्टी 2007 में जमीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान 14 मार्च को पुलिस की गोलीबारी में मारे गए 14 ग्रामीणों की याद में यह दिवस मनाती है।
Published on:
14 Mar 2021 11:54 pm
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