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International Museum DAY शाहजहां का रत्न जडि़त शाही प्याला देखना है आ जाओ इंडियन म्यूजियम

विश्व संग्रहालय दिवस पर इंडियन म्यूजियम पहली बार शाहजहां का रत्न जडि़त शाही प्याले जैसी 51 दुर्लभ वस्तुओं को प्रदर्शन करने जा रहा है। कोलकाता के इंडियन म्यूजियम में एक लाख आठ हजार से ज्यादा ऐतिहासिक वस्तुओं और कलाकृतियों का संग्रह है। जिनमें से मात्र छह फीसदी का ही प्रदर्शन किया जाता है।

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International Museum DAY शाहजहां का रत्न जडि़त शाही प्याला देखना है आ जाओ इंडियन म्यूजियम

International Museum DAY शाहजहां का रत्न जडि़त शाही प्याला देखना है आ जाओ इंडियन म्यूजियम


कोलकाता. बादशाह शाहजहां का रत्नों से जड़ा शाही प्याले को देखने की इच्छा है तो इंतजार मत कीजिए। इंडियन म्यूजियम विश्व संग्रहालय दिवस के मौके पर अपने अमूल्य और दुर्लभ खजाने के नायाब नमूने १८ मई यानि बुधवार को सबके सामने लाएगा। जिसमें ईसा पूर्व तीसरी शताब्दी का वह ताबूत होगा जिसमें भगवान बौद्ध के अवशेष रखे गए थे। अकबर, जहांगीर के काल की स्वर्ण मुद्राएं होंगी। हां आप को यह जरूर बता दें कि म्यूजियम की यह नायाब विरासतें पहली बार आम लोगों के सामने लाई जा रही हैं। संग्रहालय के शिक्षा अधिकारी सयान भट्टाचार्य ने यह जानकारी दी।
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नायाब नमूनों का महज छह फीसदी ही प्रदर्शित
भट्टाचार्य ने बताया कि संग्रहालय के पास एक लाख आठ हजार कला कृतियां या वस्तुएं हैं। जिनमें से अब तक महज छह प्रतिशत ही प्रदर्शित की जाती हैं। १८ मई को विश्व संग्रहालय दिवस के मौके पर म्यूजियम में अब तक प्रदर्शित नहीं की गई कई कलाकृतियों व वस्तुओं का प्रदर्शन होगा। जिनमें ईसा पूर्व भगवान बौद्ध की अस्थियां और ताबूत, १७ वीं शताब्दी का शाहजहां का शाही प्याला, अकबर और जहांगीर कालीन स्वर्ण मुद्राएं्र विभिन्न प्रकार के मुखौटे, हाथीदांत से बनी सामग्रियां शामिल हैं। नायाब सामानों की प्रदर्शनी के साथ ही गाइड उनके पाए जाने की कहानी भी दर्शकों को बताएंगे।
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२० मई तक प्रवेश निशुल्क
संग्रहालय प्रबंधन ने २० मई तक संग्रहालय में निशुल्क प्रवेश की घोषणा की है। आम दिनों में संग्रहालय में प्रवेश के लिए ५० रुपए का शुल्क लगता है। प्रदर्शनी सुबह ११ बजे से शुरू होगी।
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आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करेगी प्रदर्शनी
संग्रहालय के निदेशक अरिजीत दत्ता चौधरी ने बताया कि इस वर्ष का मुख्य आकर्षण दुर्लभ वस्तुओं की प्रदर्शनी है। आम जनता को सामग्री का महत्व समझाने के लिए संग्रहालय के कर्मचारी भी प्रदर्शनी में होंगे। यह न केवल इतिहास के छात्रों को बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी प्रेरित करेगा। फिलहाल प्रदर्शनी तीन दिनों तक चलेगी। अगर दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिलती है, तो प्रदर्शनी आगे बढ़ाई जाएगी।