12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भाजपा में शामिल हुई इशरत जहां

तीन तलाक प्रथा बंद कराने के लिए भाजपा सरकार की पहल से प्रभावित होकर पश्चिम बंगाल की इशरत जहां शनिवार को भाजपा में शामिल हो गई

2 min read
Google source verification
Ishrat Jahan

कोलकाता. तीन तलाक प्रथा बंद कराने के लिए भाजपा सरकार की पहल से प्रभावित होकर पश्चिम बंगाल की इशरत जहां शनिवार को भाजपा में शामिल हो गई। हावड़ा जिले की रहने वाली इशरत जहां तीन तलाक प्रथा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर करने वाली पांच महिलाओं में से एक है।

पश्चिम बंगाल भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष लॉकेट चटर्जी की उपस्थिति में भाजपा का झंडा थामने के बाद इशरत ने कहा कि तीन तलाक जैसी कुप्रथा के खिलाफ लड़ाई में भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमारा साथ दिया इसलिए हम भी उनका साथ दे रहे हैं। तीन तलाक को लेकर संसद में बिल पास हुआ इसको लेकर वे खुश हैं।


अब नई पीढ़ी को नहीं झेलना पड़ेगा कुप्रथा का दर्द
इशरत जहां ने यहां रुंधे गले से कहा कि तीन तलाक प्रथा पर पाबंदी मुस्लिम समाज की नई पीढ़ी के लिए वरदान साबित होगी। अब किसी को इस कुप्रथा का दर्द नहीं झेलना पड़ेगा। वे इस दर्द से भली भांति परिचित हैं। इशरत जहां की शादी बिहार के मुर्तजा नामक एक युवक के साथ हुई थी। लगातार बेटियों के जन्म होने के कारण उस पर अत्याचार किया गया था और अंत में लडक़ा होने के बाद भी स्थिति नहीं बदली थी। वर्ष २०१४ में मुर्तजा ने फोन पर ही उसे तीन बार तलाक कह दिया था। इसके बाद ही कानूनी लड़ाई शुरू हुई थी।


इशरत के लिए नौकरी की व्यवस्था करेगी भाजपा
इस अवसर पर लॉकेट चटर्जी ने कहा कि किसी परिवार को एकमुश्त आर्थिक मदद दे देने से परिवार के सदस्यों की जिंदगी आसान नहीं हो जाती लेकिन नौकरी दिए जाने से उसकी ङ्क्षजदगी संवर सकती है। वह अपने पैरों पर खड़े होकर अपना परिवार अच्छी तरह से चला सकती है। इशरत जहां के लिए भाजपा नौकरी की व्यवस्था करेगी।


इशरत को चुनाव लड़ा सकती है भाजपा
सूत्रों के अनुसार भाजपा आगामी चुनाव में इशरत जहां को उम्मीदवार बना सकती है। हावड़ा जिले की उलुबेडिय़ा लोकसभा सीट पर उपचुनाव होने वाला है। सूत्रों के अनुसार भाजपा इशरत जहां को उलुबेडि़या से उम्मीदवार बनाने पर विचार कर रही है। यह भी कहा जा रहा है कि अगर किसी कारणवश इशरत को टिकट नहीं दी जाती है, तो भाजपा मुस्लिम मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए इशरत से चुनाव प्रचार कराएगी।