माकपा, आइएसएफ नेता को प्रभावित इलाके में जाने से रोका
जयनगर तृणमूल कांग्रेस नेता सैफुद्दीन लश्कर की हत्या की जांच में जुटी पुलिस को पता चला है कि हत्या सुपारी किलर से कराई गई है। हमलावरों से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं। जिनमें दो बाइकों पर सवार पांच हमलावर मस्जिद जा रहे लश्कर के पीछे -पीछे जाते देखे गए हैं। इस बीच इस हत्याकांड को लेकर राज्य में सियासी घमासान शुरू हो गया है। माकपा, आइएसएफ के प्रतिनिधियों को प्रभावित इलाके में जाने से रोक दिया गया। वहीं सैफुद्दीन की रेकी कर हमलावरों को उसकी सूचना देने वाले आरोपी शहरुल शेख को पुलिस ने अदालत में पेश किया। जहां से अदालत ने उसे 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। उसने दावा किया है कि सैफुद्दीन पर उसने गोली नहीं चलाई है। गोली चलाने का आदेश बड़े भाई नासिर ने दिया था। जो डायमंड हार्बर के पास का निवासी है।
—
इलाके में तनाव का माहौल
इधर, तृणमूल नेता की हत्या के बाद उनके समर्थकों की ओर से गांव के 15 से 20 घरों में की गई आगजनी, तोडफ़ोड़ के 24 घंटे बीतने के बाद भी तनाव बना हुआ है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इलाके की गश्त पर हैं। पुरुषविहीन हुए इलाके में महिलाएं सोमवार को हुए घटनाक्रम के लिए तृणमूल समर्थकों को जिम्मेदार ठहरा रही हैं। इधर, हिंसा और आगजनी के शिकार हुए पीडि़तों को साथ लेकर उनकी घर वापसी के प्रयास कर रहे माकपा के प्रतिनिधिमंडल को प्रभावित इलाकों में जाने से रोका गया। जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी भी हुई। पुलिस ने हिंसा की आशंका व्यक्त करते हुए माकपा, आइएसएफ व अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को प्रभावित इलाके में जाने से रोक दिया। वहीं मामले में गिरफ्तार किए शहरुल को सुरक्षागत कारणों से जयनगर की जगह बारुइपुर थाने में रखा गया है। जयनगर समेत आसपास के थाना इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
—
परिजनों ने लगाए धमकी के आरोप
इधर, तृणमूल कांग्रेस नेता सैफुद्दीन की हत्या के बाद उनके समर्थकों की ओर से की गई मॉब लिंचिंग में मारे गए सहाबुद्दीन के परिजनों ने अज्ञात लोगों से धमकी मिलने के आरोप लगाए हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार सहाबुद्दीन के परिजनों ने सुरक्षा की मांग करते हुए पुलिस अधिकारियों से दरख्वास्त की है लेकिन अब तक उन्हें सुरक्षा नहीं मिली है।
—
सामान्य स्थिति बहाल करने में जुटी पुलिस
तृणमूल नेता हत्याकांड के बाद से ही इलाके में श्मशान घाट सी शांति है। हमले, आगजनी के बाद गांव के पुरुष इलाका छोड़ कर चले गए हैं। पुलिस प्रशासन कैंप लगाकर स्थिति सामान्य करने की कोशिश कर रहा है। माकपा का आरोप है कि उसके समर्थकों को निशाना बनाया जा रहा है।