
कोलकाता. धार्मिक त्योहार से अधिक उत्सव का रूप धारण कर चुके पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा में हालांकि अभी 5 महीने बाकी है, पर पूजा कमेटियों की तैयारी अभी से ही शुरू हो गई है। इसी क्रम में मोहम्मद अली पार्क में सोमवार को यूथ एसोसिएशन की ओर से दुर्गापूजा की तैयारी की शुरुआत खूंटी पूजा से की गई। यूथ एसोसिएशन, मोहम्मद अली पार्क इस साल सार्वजनिक दुर्गोत्सव का स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है, जिसके तहत कमेटी चेयरमैन मनोज कुमार पोद्दार, महासचिव सुरेंद्र कुमार शर्मा, विधायक तापस राय, स्मिता बक्शी, संजय बक्शी, पार्षद रेहाना खातुन आदि अतिथियों की मौजूदगी में गाजे-बाजे के साथ खूंटी पूजा हुई। इस साल पूजा की थीम चित्तौडग़ढ़ की रानी पद्मावती है। इस बार मूर्ति की सजावट को मां अन्नपूर्णा के रूप में दर्शाया जा रहा है, जिसका मकसद है कि धरती सदा अन्न से हरी-भरी रहे और अनाज की कमी न होने पाए। इस मौके पर मुख्य संरक्षक रामचंद्र बड़ोपलिया, अध्यक्ष हेमचंद जैन, कोषाध्यक्ष सुभाष चंद्र गोयनका, कार्यकारी अध्यक्ष प्रमोद कुमार चांडक, मुख्य संयोजक विजयशंकर पांडे, उपाध्यक्ष विजय सिंह, दुलाल मोइत्रा, संयुक्त सचिव अशोक कुमार ओझा, गणेश शर्मा, सचिन शर्मा, पवन बंसल, विमल झुनझुनवाला (संयोजक), मोहम्मद शाहिद हुसैन, अनिल शर्मा और पवन शर्मा आदि मौजूद थे।
सदियों पुरानी परंपरा काठामो पूजा का बदला रूप है खूंटी पूजा
महानगर की पूजा कमेटियों में एक-दूसरे से आगे निकलने व अधिक दर्शकों को आकर्षित करने के लिए थीम आधारित पूजा की होड़ मची रहती है। दुर्गापूजा की तैयारी की शुरुआत खूंटी पूजा से ही होती है। खूंटी पूजा कोई नई चीज नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपरा काठामो पूजा का बदला हुआ रूप है, जिस पर बोनेदी बाडऱी पूजो (घरेलू पूजा) की मिट्टी की प्रतिमा बनाई जाती थी, पर अब खूंटी पूजा एक बड़े ट्रेंड का रूप धारण कर चुकी है। दुर्गा पूजा से महीनों पहले खूंटी पूजा के जरिए पांडाल की तैयारी का काम शुरू होता है। दुर्गा पूजा से पहले ही अपना दबदबा बनाने के लिए पूजा कमेटियां खूंटी पूजा में सेलिब्रिटियों को शामिल करती हैं। इसमें मशहूर खिलाडिय़ों से लेकर फिल्मी स्टार तक शरीक होते हैं। सभी पूजा कमेटियां भव्य तरीके से खूंटी पूजा का आयोजन करती हैं, जिसमें बड़े-बड़े सेलेब्रिटी शामिल होते हैं। खूंटी पूजा के दिन से ही पूजा कमेटियां अपने पांडाल व प्रतिमा का प्रचार-प्रसार आरंभ कर देती हैं। जिस खंभे पर पूजा होती है, उसे पांडाल के बीच रखा जाता है।
Published on:
07 May 2018 08:37 pm
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