कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दक्षिण 24 परगना जिले के हिंसाग्रस्त रहने वाले भांगड़ में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उसे कोलकाता पुलिस के अधीन करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को अलीपुर बॉडीगार्ड लाइन में आयोजित समारोह में कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल को कोलकाता पुलिस का एक अलग डिवीजन बनाने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने राज्य पुलिस महानिदेशक मनोज मालवीय को भी इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है।
बार-बार अशांत हो रहा है भांगड़
पंचायत चुनाव के बाद से भांगड़ राजनीतिक हिंसा के कारण सुर्खियों में है। जहां तृणमूल कांग्रेस और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आइएसएफ) के बीच कई बार हिंसक झड़प हो चुकी है। पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद से अब तक वहां छह लोगों की जान गई है। पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाया गया है। अशांति पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने धारा 144 जारी की है। मंगलवार को भी काटाडांगा इलाके में विवाद के बाद तनाव फैला रहा।
तृणमूल नेताओं ने ही की थी जंगलमहल से तुलना
भांगड़ के बार-बार अशांत होने के कारण तृणमूल कांग्रेस के ही कई नेता पुलिस प्रशासन पर सवाल उठा चुके हैं। तृणमूल नेता अराबुल इस्लाम और शौकत मोल्ला ने हाल ही में भांगड़ की तुलना माओवाद प्रभावित रहे जंगल महल से की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से वहां कानून-व्यवस्था की स्थिति को सामान्य करने के लिए कदम उठाने का भी अनुरोध भी किया था।
आइएसएफ नेता गिरफ्तार
पंचायत चुनाव की मतगणना की रात भांगड़ में पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी करने के आरोप में पुलिस ने आइएसएफ के विजयी प्रत्याशी को गिरफ्तार किया है। उसे मंगलवार की देर रात उत्तर 24 परगना जिले में बांग्लादेश के सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उसे बुधवार को बारुईपुर कोर्ट में पेश किया गया। आरोपी का नाम ओहिदुल इस्लाम मोल्ला है। उसपर कंथालिया स्कूल में बनाए गए मतगणना केंद्र पर गोलीबारी और फायरिंग का आरोप है। पुलिस ने बताया कि वारदात की रात से वह फरार था।