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‘द इंडियन म्यूजियम’ को मजबूत सुरक्षा कवच

जवानों ने संभाला मोर्चा एक सहायक कमांडेंट (एसी) रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में कुल 59 जवान आतंकी तत्वों सहित सभी प्रकार के खतरों के खिलाफ संग्रहालय की सुरक्षा करेंगे।

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'द इंडियन म्यूजियम' को मजबूत सुरक्षा कवच

'द इंडियन म्यूजियम' को मजबूत सुरक्षा कवच

कोलकाता

भारत के सबसे पुराने और सबसे बड़े संग्रहालय 'द इंडियन म्यूजियम' की सुरक्षा का जिम्मा सोमवार से केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने संभाल लिया। एक सहायक कमांडेंट (एसी) रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में कुल 59 जवान आतंकी तत्वों सहित सभी प्रकार के खतरों के खिलाफ संग्रहालय की सुरक्षा करेंगे।

इस अवसर पर सोमवार को संग्रहालय परिसर में एक प्रेरण समारोह आयोजित किया गया था जिसमें पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भाग लिया था। पार्क स्ट्रीट इलाका स्थित यह संग्रहालय राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है और इसमें दुर्लभ और अत्यंत मूल्यवान कलाकृतियों का विशाल संग्रह है। संग्रहालय में हर दिन हजारों आगंतुक आते हैं।
संग्रहालय को विभिन्न नामों से जाना जाता है। पहले इसका नाम एशियाई समाज संग्रहालय था। फिर इंपीरियल संग्रहालय हुआ। अब इसे भारतीय संग्रहालय, कोलकाता के नाम से जाना जाता है। यह केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में एक स्वायत्त संगठन है।

भारतीय संग्रहालय की स्थापना 1814 में की गई थी। थोड़े ही दिन में यह दुनिया का सबसे बड़ा बहुउद्देशीय संग्रहालय बन गया।
केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल संग्रहालय को चौबीसों घंटे सशस्त्र सुरक्षा कवच प्रदान करेगा। पिछले साल सीआीएसएफ ने यहां स्थित ऐतिहासिक विक्टोरिया मेमोरियल की सुरक्षा का जिम्मा संभाला था।