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हादसे की आशंका, कोलकाता महानगर की जर्जर सड़कों की जल्द हो मरम्मत

इस बार मानसून के दौरान तेज बारिश बहुत कम हुई है। फिर भी महानगर की सडक़ें छोटे-बड़े गड्ढों से जर्जर हो गई हैं। इससे सडक़ हादसा होने की आशंका काफी बढ़ गई है। कई हादसे भी हो चुके हैं। इसको ध्यान में रखते हुए कोलकाता पुलिस ने मेयर फिरहाद हकीम को बेहाल सडक़ों की मरम्मत कराने के लिए पत्र लिखा है। कोलकाता पुलिस के पत्र से कोलकाता नगर निगम प्रशासन में खलबली मच गई है।

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हादसे की आशंका, कोलकाता महानगर की जर्जर सड़कों की जल्द हो मरम्मत

हादसे की आशंका, कोलकाता महानगर की जर्जर सड़कों की जल्द हो मरम्मत

कोलकाता पुलिस के पत्र से मची खलबली, दबाव में आया नगर निगम प्रशासन

इस बार मानसून के दौरान तेज बारिश बहुत कम हुई है। फिर भी महानगर की सडक़ें छोटे-बड़े गड्ढों से जर्जर हो गई हैं। इससे सडक़ हादसा होने की आशंका काफी बढ़ गई है। कई हादसे भी हो चुके हैं। इसको ध्यान में रखते हुए कोलकाता पुलिस ने मेयर फिरहाद हकीम को बेहाल सडक़ों की मरम्मत कराने के लिए पत्र लिखा है। कोलकाता पुलिस के पत्र से कोलकाता नगर निगम प्रशासन में खलबली मच गई है। क्योंकि पत्र का खुलासा होने से विरोधी दल ने इसे एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। विरोधी दलों का कहना है मानसून से पहले की महानगर की सडक़ों की मरम्मत करवाई गई थी। पूरे शहर में पिच लाइनिंग का काम हुआ था। जिस पर कोलकाता नगर निगम ने पानी की तरह पैसा बहाया। वह पिच लाइनिंग मामूली बारिश में बह गई। नतीजतन महानगर की सडक़ों पर कई गड्ढे हो गए। पिच लाइनिंग की खराब गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

सीधे पत्र लिखकर की शिकायत

इस पत्र के मिलने के बाद निगम काफी दबाव में है। क्योंकि अगर जनता की ओर से शिकायत होती तो पता ही नहीं चलता। इसका खुलासा तब हुआ जब कोलकाता पुलिस ने निगम के मेयर को सीधे पत्र लिखकर सडक़ों की शिकायत की। इससे हकीम को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है। गड्ढे वाली सडक़ें जहां-तहां धंस गई हैं। बताया गया है कि बरसात के दिनों में इसमें पानी जमा हो जाता है, जिससे लोगों के लिए खतरा बढ़ जाता है। बालीगंज, बेहला से लेकर काशीपुर तक एक जैसी स्थिति है। इस पत्र ने सीधे तौर पर निगम के कामकाज पर सवाल उठाया। सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पहले ही इन सडक़ों की मरम्मत की गई है और इसके लिए निगम के खजाने से 75 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। सवाल उठता है कि थोड़ी सी बारिश में ऐसी स्थिति कैसे हो सकती है? इसलिए मरम्मत के लिए निगम का पैसा पानी में चला गया।

पत्र पर टिप्पणी करने से कतरा रहा निगम

कोलकाता नगर निगम इस पत्र पर टिप्पणी करने से कतरा रहा है। मेयर हकीम ने कुछ कहा लेकिन, मामले को टाल दिया। इसलिए विपक्ष कोलकाता की सडक़ों की बदहाली को लेकर रास्ते पर उतर सकता है। यह बड़ी शिकायत है कि घटिया सामग्री से सडक़ों की मरम्मत की गई है। कोलकाता पुलिस इस बारे में पत्र भेज रही है। हकीम ने कहा कि हम हमेशा मुद्दों के प्रति जागरूक रहते हैं। हमारे डीजी इन चीजों पर हमेशा नजर बनाए हुए हैं। इस मुद्दे पर कोलकाता के भाजपा पार्षद सजल घोष ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि कोलकाता पुलिस ने जर्जर सडक़ों की जल्द मरम्मत के लिए मेयर को पत्र भेजा है। उससे कोलकाता नगर निगम असहज स्थिति में दिख रहा है।