ट्रेनी डॉक्टर बेटी को खोए हुए तीन सप्ताह बीत चुके हैं। अगस्त सितंबर में बदल गया है। न केवल कोलकाता में, बल्कि पूरे राज्य में, आरजी कर मेडिकल कॉलेज की महिला ट्रेनी डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के लिए न्याय की मांग को लेकर नागरिक समाज विरोध प्रदर्शन कर रहा है। मृत डॉक्टर के माता-पिता ने सभी को धन्यवाद देने के बावजूद कहा कि अगर उन्हें पहले से इतना पता होता तो वे अपनी बेटी को डॉक्टरी नहीं पढ़ाते। गले में स्टेथोस्कोप लटकाए एक लडक़ी सपना नहीं देख रही थी।
मृतक की मां ने आरोप लगाया कि अस्पताल समाजकंटकों का अड्डा बन गया है। अगर मुझे कबूतर के ऐसे घोंसले (घुघुर बासा) के बारे में पता होता तो मैं अपनी बेटी को डॉक्टरी नहीं पढ़ाती और कुछ पढ़ाती।