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West Bengal: देश के सबसे बड़े रेड लाइट इलाके में ना नुकुर के बाद सीसीटीवी के लिए राजी हुई सेक्स वर्कर

एशिया के सबसे बड़े रेडलाइट इलाके सोनागाछी में अपराध नियंत्रण, अपराधियों की पहचान करने व संंगठित गिरोहों पर नकेल कसने के लिए कोलकाता पुलिस (kolkata Police)ने पूरे इलाके को सीसीटीवी की जद में लाने की तैयारी की है।

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देश के सबसे बड़े रेड लाइट इलाके में ना नुकुर के बाद सीसीटीवी के लिए राजी हुई सेक्स वर्कर

देश के सबसे बड़े रेड लाइट इलाके में ना नुकुर के बाद सीसीटीवी के लिए राजी हुई सेक्स वर्कर


सोनागाछी में पुलिस बढ़ाएगी तीसरी आंख से निगरानी
कोलकाता.
एशिया के सबसे बड़े रेडलाइट इलाके सोनागाछी में अपराध नियंत्रण, अपराधियों की पहचान करने व संंगठित गिरोहों पर नकेल कसने के लिए कोलकाता पुलिस ने पूरे इलाके को सीसीटीवी की जद में लाने की तैयारी की है। शुरुआती ना नुकुर के बाद यौनकर्मियों को इस काम के लिए राजी करा लिया गया है। पुलिस के अनुसार तीस कैमरे लगाए जाएंगे। जो इस रेड लाइट एरिया में प्रवेश और निकासी के मुख्य मार्गों पर नजर रखेंगे।
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बड़तला पुलिस ने बैठक की
मिली जानकारी के अनुसार सोनागाछी में पिछले साल एक सेक्स वर्कर की हत्या के बाद पुलिस ने सीसीटीवी लगाए जाने की कवायद शुरू की। शुरुआती दौर में यौनकर्मियों ने इसका विरोध किया लेकिन हत्या जैसे मामले के बाद अपराध नियंत्रण के लिए की गई बैठकों के परिणाम स्वरूप सेक्स वर्कर सीसीटीवी लगाए जाने के लिए तैयार हुईं। पुलिस ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी पहचान बचाई जाएगी। बड़तला थाने के पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सोनागाछी क्षेत्र के अविनाश कविराज लेन, इमाम बाक्स लेन, गारनहाटा सहित प्रवेश व निकास मार्ग पर 30 स्थानों को चिन्हित किया गया है। स्थानीय निवासियों और थाने की पहल पर वहां 30 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
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हो चुकी है लूटपाट
पुलिस के मुताबिक बड़तला थाना इलाके के इस रेड लाइट इलाके में कई तरह के अपराध होते हैं। बाहर से आने वाले लोगों के साथ यहां लूटपाट की कई खबरें सामने आई हैं। संगठित गिरोह सक्रिय हैं। जो यहां आए लोगों को ब्लेकमेल करनेसमेत अन्य भय दिखाकर लूटपाट कर चुके हैं। कई मामलों में नकदी नहीं होने पर पीडि़तों के मोबाइल फोन, ई-वॉलेट के माध्यम से पैसे निकाले गए। एटीएम छीनकर पिन लेकर भी पैसे निकाले जा चुके हैं। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में लूटपाट के दो मामलों में तीन गिरफ्तारियां और सात हजार रुपये बरामद किये गये। वर्ष 2021 में दो घटनाओं में तीन लोगों की गिरफ्तारी, पांच हजार रूपए बरामद किए गए। वहीं वर्ष २०२२ में लूटपाट की नौ घटनाएं, 29 गिरफ्तारियां और 1.९३ लाख रूपए की बरामदगी की गई। गिरफ्तार किए गए लोगों में ज्यादातर महिलाएं हैं। इनमें से कई एक ही अपराध बार बार करने वाले आरोपी हैं।