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मां के शव को 3 साल तक रखा फ्रिज में, अंगूठे के निशान से निकाली पेंशन

‘‘पैसा खुदा तो नहीं, लेकिन खुदा की कसम खुदा से कम भी नहीं।’’

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Kolkata west Bengal

- आरोपी पुत्र को पुलिस ने किया गिरफ्तार, पिता भी हिरासत में

- दक्षिण कोलकाता के बेहला इलाके में चौंकाने वाली घटना
- चर्चित रॉबिन्सन स्ट्रीट काण्ड की यादें हुईं ताजा

कोलकाता
‘‘पैसा खुदा तो नहीं, लेकिन खुदा की कसम खुदा से कम भी नहीं।’’ छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मंत्री जूदेव सिंह ने एक जमाने में मीडिया कर्मियों के सवाल के जवाब में यह बात कही थी। यह बात एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के बेहला इलाके के एक लालची व्यक्ति के लिए सही साबित होती प्रतीत हो रही है। करीब 50 हजार रुपए की पेंशन की खातिर वैदिक परम्पराओं को ताक पर रखकर मां के शव को 3 साल तक डीप फ्रीजर में संरक्षित रखने और बैंक के फॉर्म पर अंगूठे का निशान लगाकर पेंशन लेने की चौंकाने वाली घटना गुरुवार को सामने आई। आरोपी पुत्र सुब्रत मजूमदार (46) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सुब्रत के वृद्ध पिता गोपाल चंद दास (90) को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जेम्स लांग सरणी निवासी सुब्रत की मां बीना मजूमदार (88) फूड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) में अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुई थीं। बतौर पेंशन उन्हें लगभग 50 हजार रुपए प्रतिमाह मिलते थे। वर्ष 2015 के अप्रेल माह में बीना की अस्पताल में मौत हो गई। पेंशन लेने के लालच में सुब्रत ने मां के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया, बल्कि उस पर रासायनिक लेप लगाकर घर में डीप फ्रीजर में रखा दिया। शव से दुर्गंध न आए इसलिए उसने सडऩे वाले अंग जैसे किडनी, लिवर, आंत वगैरह सब काट कर बाहर निकाल दिया और कांच के जार में संरक्षित रख दिया। इस घटना ने रॉबिन्सन स्ट्रीट काण्ड की यादें ताजा कर दी है। वर्ष 2015 में रॉबिन्सन स्ट्रीट इलाके में पार्थ दे नामक व्यक्ति ने अपनी बहन और दो कुत्तों के कंकाल को करीब 6 माह तक घर में रखा था।


फ्रिज मैकेनिक से खुला राज

शातिर सुब्रत की इस कारस्तानी का राज फ्रिज मैकेनिक के जरिए खुलने का अनुमान जताया जा रहा है। जिस फ्रिज में सुब्रत ने मां का शव रखा था उसका कम्प्रेशर खराब हो गया था। मरम्मत के लिए उसने मैकेनिक को घर बुलाया था। मैकेनिक को फ्रिज से शव की दुर्गंंध मिली थी। उसके जरिए मुहल्ले के लोगों, फिर मीडिया तथा पुलिस को खबर मिली।
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इनका कहना है
मामले की जांच की जा रही है। सुब्रत ने मां के मरने के बाद बैंक से पेंशन उठाई है। वह कैसे पेंशन लेता था? बैंक में प्रति वर्ष मां का जीवित प्रमाण पत्र कैसे जमा देता था? इसकी जांच की जा रही है। पूछताछ में सुब्रत और उसके पिता जिस ढंग से जवाब दे रहे हैं लगता है दोनों मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं हैं। शायद वे खुद को बचाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। सच्चाई जानने के लिए दोनों की मेडिकल जांच कराई जाएगी।

प्रवीण त्रिपाठी, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध)