
हिंसा: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने की शांति की अपील
- कहा, हिंसा फैलाना राजनीतिक दलों का काम नहीं
कोलकाता.
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जिलों में पंचायत बोर्ड गठन को लेकर हो रही गुटीय हिंसा पर कड़ा तेवर दिखाया है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हिंसा फैलाना, मारपीट और गुण्डागर्दी करना राजनीतिक दलों का काम नहीं है। स्थानीय चुनाव में अशांति की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। हिंसा के मुद्दे पर वह खुद अपनी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका से संतुष्ट नहीं हैं, यह सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक में मंत्रियों को फटकार लगाकर उन्होंने स्पष्ट कर दिया। राज्य सचिवालय नवान्न से निकलते वक्त संवाददाताओं के सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय चुनाव को लेकर इतनी अशांति की कोई दरकार नहीं थी। उन्होंने कहा कि कोई किसी बात से दुखी है, तो लोकतांत्रिक तरीके से उस बात को नेतृत्व के समक्ष उठानी चाहिए ना कि हिंसा का सहारा लेंगे।
राज्य प्रशासन को सख्त निर्देश-
ममता ने कहा कि उन्हें किसी भी तरह की हिंसा में विश्वास नहीं है। उन्होंने पंचायतों के बोर्ड गठन के दौरान सभी कानून व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रखने के लिए राज्य प्रशासन को सख्त निर्देश दिया है। ममता ने कहा कि उन्हें किसी भी तरह की हिंसा में विश्वास नहीं है।
केंद्रीय हस्तक्षेप का विरोध-
मुख्यमंत्री ने कूचबिहार एवं पश्चिम मिदनापुर के धेरुआ में केंद्रीय सुरक्षा बल के जवानों को साथ लेकर भाजपा के निर्वाचित सदस्यों को पंचायत बोर्ड सदस्य की शपथ दिलाने पर आपत्ति जताई है। इस सूचना पर दुख प्रकट करते हुए ममता ने कहा कि किसी को अपनी सीमा के दायरे में ही रहना चाहिए। कारण कानून व्यवस्था राज्य सरकार का विषय है। ममता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी के सहयोग से भाजपा पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में रूद्राक्ष बंटवा रही है। जो सरासर गलत है।
Published on:
27 Aug 2018 10:22 pm
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