
इसलिए जर्मनी-इटली की यात्रा पर हैं सीएम ममता बनर्जी
जर्मनी-इटली की यात्रा पर सीएम ममता बनर्जी
- विपक्ष ने की आलोचना
कोलकाता.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रविवार सुबह जर्मनी और इटली की 12 दिवसीय यात्रा पर रवाना हुईं। राज्य के लिए निवेश लाना यात्रा का मुख्य उद्देश्य है। ममता के साथ राज्य के वित्त मंत्री डॉ. अमित मित्रा, वित्त सचिव एच.के. द्विवेदी और मुख्य सचिव मलय दे सुबह करीब 9 बजकर 45 मिनट पर उनके विमान ने यूरोपीय देशों के लिए उड़ान भरी। इससे पहले उन्होंने एयरपोर्ट पर बताया कि दोनों देशों के उद्योगपतियों, व्यवसायियों और सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें करने के बाद वह 28 सितम्बर को उनके स्वदेश लौटने की उम्मीद है। राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टियों ने मुख्यमंत्री के विदेश दौरे की आलोचना की है। प्रदेश भाजपा ने ममता की यात्रा पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री का विदेश दौरा हर साल की भांति खुशी व आमोद-प्रमोद वाला है। पिछले साल भी वह विदेश गई थीं। विदेश की उस धरती से एक पैसा भी बंगाल में निवेश के लिए नहीं आया।
श्वेत पत्र जारी करें सीएम-
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विधायक दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री के विदेश दौरे पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगया कि मुख्यमंत्री जनता के पैसों से विदेश की यात्रा कर रही हैं। यात्रा पर लागत खर्च साधारण लोगों से वसूले टैक्स की राशि से किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जर्मनी और इटली की यात्रा पर कितना खर्च हुआ, एवं राज्य के लिए कितना निवेश आया या आने की संभावना है, राज्य की जनता के समक्ष इसे लाना जरूरी है। प्रदेश भाजपा मुख्यमंत्री से इस संदर्भ में श्वेत पत्र जारी करने की मांग करती है।
विदेश यात्रा राज्य के हित में नहीं-
माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य तथा वाममोर्चा विधायक दल के नेता डॉ. सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा राज्य के हित में नहीं है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री विदेश गईं और लाख करोड़ की गप्पे राज्यवासियों को सुना चुकी हैं। इस बार भी १२ दिनों की यात्रा पर हैं। लौटने के बाद फिर वही पुरानी राग हमें सुनने को मिलेगा। देखना यह है कि विदेश से लौटने के बाद मुख्यमंत्री नया क्या कह रही हैं?
Published on:
16 Sept 2018 10:35 pm
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