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कोलकाता

West Bengal : विधानसभा में केंद्र सरकार के खिलाफ धरने पर बैठी ममता बनर्जी…क्या है कारण?

West Bengal टीएमसी ने 100 दिन के फंड के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में विधानसभा परिसर में बीआर अंबेडकर प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया।

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कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के धर्मतल्ला में एक सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की ममता सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए और टीएमसी पर तीखा हमला बोला। वहीं दूसरी तरफ ठीक उसी समय ममता बनर्जी भी मनरेगा योजना के भुगतान यानी 100 दिन के फण्ड को लेकर राज्य विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रही थी। ममता बनर्जी ने भी बीजेपी और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। साथ ही टीएमसी ने गृह मंत्री के बयानों पर पलटवार भी किया।

अमित शाह का टीएमसी पर कड़ा प्रहार
अमित शाह ने धर्मतल्ला में सभा में इशारों ही इशारों में ममता बनर्जी सरकार को घेरते हुए कहा कि जिस बंगाल में कभी सुबह-सुबह रवीन्द्र संगीत सुनाई पड़ता था, आज वही बंगाल बम धमाकों से गूंज रहा है। पूरे देश से गरीबी खत्म हो रही है, लेकिन बंगाल में गरीबी कम होने का नाम नहीं ले रही है, यहां भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। इस दौरान अमित शाह ने बंगाल की जनता के सामने सीएए लागू करने का प्रण भी लिया।

 

ममता का विधानसभा से बीजेपी पर हमला
वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी राज्य के मनरेगा श्रमिकों के लंबित भुगतान को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान ममता बनर्जी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य के 21 लाख लोगों का बकाया केंद्र सरकार ने रोक रखा है। केंद्र सरकार मनरेगा और आवास योजना की लंबित धनराशि जारी करें। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बंगाल के लोगों को योजनाओं से वंचित कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी निडर लड़ाई जारी है। टीएमसी के विधायकों ने भी इसके खिलाफ आवाज उठाई और बीजेपी के खिलाफ जमकर नारे बाजी की।

ममता ने बंगाल में हिंसा के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया
ममता बनर्जी ने बीजेपी पर राज्य में हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा कि त्योहारी सीजन के दौरान हिंसा की एक भी घटना नहीं हुई, लेकिन बीजेपी चुनाव से पहले और बाद में झड़पें कराती है। उन्होंने कहा कि भाजपा बंगाल में विभाजनकारी राजनीति का सहारा ले रही है। दुर्गा पूजा और काली पूजा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई, लेकिन हिंसा की एक भी घटना सामने नहीं आई। छठ पूजा में भी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। लेकिन चुनाव से पहले और बाद में ही भाजपा ने राज्य में हिंसा और दंगे जैसी स्थिति पैदा की।