
ममता बनर्जी ने जनरल के.एम. करियप्पा को श्रद्धांजलि
कोलकाता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आजादी के बाद भारतीय सेना के पहले कमांडर इन चीफ फील्ड मार्शल के.एम. करिअप्पा को उनकी जयंती के मौके पर याद कर श्रद्धांजलि दी है। सोमवार सुबह ममता बनर्जी ने ट्विटर पर लिखा '' आज फील्ड मार्शल के एम करियप्पा की जयंती है। आजादी के बाद भारतीय सेना के पहले कमांडर इन चीफ थे। इस मौके पर मैं उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दे रही हूं।''
28 फरवरी 1899 को कर्नाटक में जन्मे फील्ड मार्शल कोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा, ऑर्डर ऑफ ब्रिटिश एम्पायर, मेन्शंड इन डिस्पैचैस, लीजियन ऑफ मेरिट भारत के पहले सेनाध्यक्ष थे। उन्होने सन् 1947 के भारत-पाक युद्ध में पश्चिमी सीमा पर भारतीय सेना का नेतृत्व किया। के. एम.करिअप्पा का जन्म 28 फऱवरी 1899 को कर्नाटक के पूर्ववर्ती कूर्ग में शनिवर्सांथि नामक स्थान पर हुआ था। स्वतंत्रता से पहले ही ब्रिटिश सरकार ने उन्हें सेना में 'डिप्टी चीफ ऑफ जनरल स्टाफ' के पद पर नियुक्त कर दिया था। उस समय किसी भी भारतीय व्यक्ति के लिए यह एक बहुत बड़ा सम्मान था। भारत के स्वतंत्र होने पर 1949 में करिअप्पा को 'कमाण्डर इन चीफÓ बनाया गया था। 15 जनवरी, 1949 उन्होंने जनरल का पद ग्रहण किया था। इस पद पर वे 1953 तक रहे। 15 मई 1993 को बेंगलुरु में उनका निधन हो गया था।
ममता बनर्जी ने मशहूर नाभिकीय वैज्ञानिक और पद्म विभूषण से सम्मानित राजा रामन्ना को भी उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी है। ममता बनर्जी ने ट्वीट कर कहा है ''आज पद्म विभूषण सम्मान से पुरस्कृत राजा रामन्ना की जयंती है। वह नाभिकीय वैज्ञानिक थे। इस मौके पर मैं उन्हें श्रद्धांजलि दे रही हूं।"
राजा रामन्ना का जन्म 28 जनवरी 1924 को हुआ था। भारत में परमाणु कार्यक्रम की नींव रखने का श्रेय डॉ होमी जहांगीर भाभा को जाता है, पर डॉ राजा रामन्ना का योगदान भी इस कार्य में कम नहीं है। 18 मई, 1974 में देश के पहले सफल परमाणु परीक्षण कार्यक्रम में अहम भूमिका निभाने के लिए राजा रामन्ना को याद किया जाता है।
Published on:
28 Jan 2019 09:29 pm
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