
गंगासागर के विकास को लेकर केंद्र उदासीन-ममता
गंगासागर के विकास को लेकर केंद्र उदासीन-ममता
-कहा, बार-बार अनुरोध करने का कोई फायदा नहीं मिला
कोलकाता.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पवित्र भूमि गंगासागर के विकास को लेकर केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से बार-बार अनुरोध करने का कोई फायदा नहीं मिला। गंगासागर जाने के लिए मुड़ी गंगा पर सेतु निर्माण करने के वादे से पीछे हट गई। यद्यपि केंद्र सरकार राज्य से आंतरिक शुल्क व सेस के बाबत मोटी रकम ले जा रही है। केंद्र का रुख हमेशा से पश्चिम बंगाल को नजरंदाज करने का रहा है। दक्षिण 24 परगना की तीन दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने गंगासागर में डायमंडहार्बर जिला पुलिस की ओर से आयोजित सुन्दरवन फुटबाल कप-2018 के अवसर पर कहा कि कपिलमुनि आश्रम के विकास के लिए केंद्र से कई बार गुहार लगाई, पर वे लोग इधर नजर डालना जरूरी नहीं समझा। राज्य सरकार इसके लिए केंद्र से भीख नहीं मागेगी। राज्य सरकार अपने सीमित संसाधनों के माध्यम से कपिलमुनि आश्रम का विकास कर रही है।
केंद्रीय योजनाओं की राशि रोकने का आरोप-
ममता ने केंद्र सरकार पर विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की राशि रोक रखने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना के करीब 2500 करोड़ रुपए बकाया पड़ा है। उन्होंने कहा कि संघीय ढांचे में केंद्र का यह दायित्व बनता है कि वह आर्थिक सहयोग देकर राज्यों की मदद करे। ग्रामीण इलाकों में कहीं लोग बैंकों की शाखाएं नहीं होने के कारण मनरेगा की राशि पाने से वंचित हो रहे हैं तो कहीं केंद्रीय राशि बकाया रहने के चलते पगार पाने से वंचित हो रहे हैं।
बंदरगाह बनाने का मामला खटाई में डाला-
ममता ने आरोप लगाया कि गंगासागर में एक बंदरगाह (ताजपुर) निर्माण करने का केंद्र से अनुरोध किया था पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। यही नहीं केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की ओर से मिले आश्वासन के अनुसार राज्य सरकार प्रस्तावित बंदरगाह का 74 फीसदी शेयर केंद्र को देने को तैयार थी। बदले में केंद्र ने मुड़ी गंगा पर सेतु निर्माण पर हामी भरी थी। पश्चिम बंगाल के प्रति सौतेलापन आचरण करने का आरोप तथा केंद्र के खिलाफ मुख्यमंत्री का गुस्सा शुक्रवार को भी देखने को मिला।
सुन्दरवन को जिला का दर्जा पर विचार-
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक और आर्थिक रूप से सुन्दरवन क्षेत्र को और विकसित करने के उ²ेश्य से राज्य सरकार इसे जिला का दर्जा देने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इससे स्थानीय लोगों को काफी सुविधा होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सुन्दरवन के विकास को लेकर कई योजनाओं की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने सुन्दरवन फुटबाल कप में विजेता एवं उप विजेता टीम के सदस्यों को सिविक वालंटियर की नौकरी दी जाएगी।
Published on:
28 Dec 2018 10:17 pm
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